श्रीराम जन्मभूमि में अब तक 900 करोड़ खर्च, विदेशी करेंसी में चंदा लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अयोध्या। शनिवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई। बैठक के बाद ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि मीटिंग में 12 लोग मौजूद थे जबकि ट्रस्टी केशव परासरण ऑनलाइन शामिल हुए। मीटिंग में 18 बिंदुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर को 3 चरणों में बनाया जा रहा है पहला चरण में भूतल जनवरी 2024 में पूरा होगा, जबकि बाकी 2 चरण 2024 और 2025 में पूरे किए जाएंगे।चपत राय ने बताया कि 5 फरवरी 2020 से 31 मार्च 2023 तक मंदिर निर्माण में 900 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। जबकि बैंक खाते में अभी भी 3 हजार करोड़ रुपए रखे हैं जिसमें एफडी भी शामिल है। जबकि मंदिर के लिए विदेशी करेंसी में चंदा लेने के लिए एफसीआरए के रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन किया गया है।

चंपत राय ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर पूरे अयोध्या के हर घर में 5 दीपक जलाए जाएंगे। और भगवान की फोटो को प्रसाद के रूप में 10 करोड़ घरों तक वितरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से 50 लाख लोगों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। जिसके लिए 25 हजार लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। जबकि एक हजार शौचालय बनाए जाएंग। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2 दिवसीय बैठक का आज पहला दिन है। जबकि रविवार को ट्रस्ट की लगातार दूसरे दिन बैठक होगी। अयोध्या राम मंदिर में रामलला के दर्शन 32 फीट की दूरी से होंगे। गर्भगृह तक पहुंचने के लिए 16 सीढ़ियां चढ़नी होंगी। राम मंदिर का ग्राउंड फ्लोर तैयार हो चुका है। इसमें गर्भगृह के साथ नृत्य मंडप और रंग मंडप भी फाइनल हैं। 16 से 24 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम हैं। इसके लिए निर्माण को तेज कर दिया है। 24 घंटे यानी 3 शिफ्ट में यहां 2600 मजदूर काम कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के 15 सदस्यों में 12 सदस्य अयोध्या की बैठक में शामिल हुए । जबकि के पाराशरण सहित तीन सदस्य वर्चअुली जुड़े हुए हैं।













































































