उझानी। शुक्रवार को शीतला माता मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास ग्रीश गोपाल महाराज द्वारा भागवत के मंगलाचरण, कुंती स्तुति, भगवान के द्वारा परीक्षित की रक्षा का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान भक्त के वश में रहते हैं । पांडवों पर अनेकों विपत्ति पर भी श्री ठाकुर जी ने सदैव उनका साथ दिया । भगवान भक्त के दोष नहीं देखते वह तो न जाने किस गुण पर प्रसन्न हो जाएं । व्यास जी ने बताया अधिक मास में भागवत के श्रवण अनन्त कथाओं के श्रवण का फल मिलता है। यह पुरुषोत्तम मास उत्तम पुरुष बनने का अवसर प्रदान करता है। भागवत कथा से हमें समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। श्रीमद भागवत दिव्य कल्पतरु है जो समस्त कामनाओं की प्राप्ति के साथ भगवान की प्राप्ति कराती है। भागवत केवल पुस्तक नहीं बल्कि साक्षात श्री कृष्ण हैं। संगीतमयी भागवत कथा में विभिन्न भजनों का आनन्द भक्तों ने लिया । कथा श्रवण में कामेश गुप्ता, संतोष वार्ष्णेय, दीपक, शिव स्नेही मिश्रा, मोहन, सुधीश यादव, शिव किशोर माहेश्वरी, वेद शर्मा, राकेश वर्मा, संजय चतुर्वेदी, विनोद गुप्ता, सुभाष सपरा समेत बडी संख्या में पुरुष – महिला भक्तगण मौजूद रहे।