कुतुबखाना श्यामगंज सब्जी मंडी में बने मल्टी स्टोरी शॉपिंग – वाहन पार्किंग कॉम्पलेक्स
बरेली। कुतुबखाना पुल का निर्माण कार्य निरंतरता के साथ चल रहा है। उसके वाई शेप नही बनने से उसका हश्र भी कहीं चौपला पुल जैसा न हो जाए यह कहना अभी बेमानी ही है। अगर कुतुबखाना में बड़े एरिया में बनी सब्जीमंडी में लखनऊ में हजरतगंज के जनपथ मार्केट की तर्ज पर मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स एवम वाहन पार्किंग की योजना अब बन जाए तो प्रभावित दुकानदारों को कुतुबखाना में जगह मिल जाये तो इस एरिया की वाहन पार्किंग की भी समस्या हल होगी। इस बात की भी जरूरत है कि पुल निर्माण के साथ ही पंजाबी मार्केट से कुतुबखाना तक नालियां भी बन जाएं तो हॉस्पिटल रोड के जल भराव से भी राहत मिल सकेगी। नोवल्टी चौराहे पर उपजा प्रेस क्लब एवम लाइब्रेरी के पीछे वाला नाला बंद पड़ा है। नाला बंद करने वाली दुकान तो अवैध अतिक्रमण में हट गई। पर दीवार नहीं हटने से राजकीय इंटर कॉलेज गेट के सामने खुलने वाला नाला बंद पड़ा है। नाथ नगरी के चौराहों के विकास के साथ ही वाहन पार्किंग पर बरेली विकास प्राधिकरण को नगर निगम के साथ संयुक्त रूप से मिलकर कुछ कार्य योजना भी बनाना चाहिए। बरेली में स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद विकास के काफी कार्य हुए कुछ पाइप लाइन में हैं। बरेली शहर में कही भी अभी तक विधिवत वाहन पार्किंग नही होने का खमियाजा आम जनता को रोज भुगतना पड़ रहा है।श्यामगंज हो या कलेक्ट्रेट या कुतुबखाना। मुख्य बाजारों में जहाँ आड़े तिरछे वाहनों का जमावड़ा रहता है। यही हाल कचहरी, कोर्ट परिसर एवम जेल रोड पर रोज जाम का सबब बनता है । समाजसेवी एवम उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष पत्रकार निर्भय सक्सेना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे पत्र = मेल में कहा है कि बरेली जैसे स्मार्ट सिटी में कुछ अधिकारी बिना ठोस योजना के केवल सरकारी धनराशि ठिकाने लगाने की ही जोड़ तोड़ में रहते है और जनता की सहुलियत देने के प्रोजेक्ट एवम राजनेताओं की भी उपेक्षा कर रहे हैं। स्मार्ट सिटी में पूरे शहर में अभी तक नियमित वाहन पार्किंग की योजना तक नही बन सकी है जो हैडरोलिक l वाहन पार्किंग बनी भी है वह कामचलाऊ ही है, जो चिंताजनक के साथ ही जन सुविधाओं की उपेक्षा वाली मानसिकता दर्शाता है। जरूरत है कि कचहरी के तहसील परिसर, जेल रोड, सब्जीमंडी कुतुबखाना, श्यामगंज सब्जी मंडी, तिलक स्कूल, राजकीय इंटर कॉलेज के पास में अगर दिल्ली लख़नऊ हजरतगंज के जनपथ की तर्ज पर अब मल्टी स्टोरी पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सरकारी या पीपी मोड़ में बन जाये तो बरेली में वाहन पार्किंग समस्या से काफी राहत मिल सकती है। और नगर निगम को आय भी बढ़ सकती है। इसके अलावा किला पर एक नया उपरिगामी पुल, डेलापीर, एवम सुभाषनगर में भी उपरगामी पुल बनाने का वायदा किया गया था। अब महापौर के दूसरे कार्यकाल में नगर आयुक्त ने कुतुबखाना उपरिगामी पुल को तेजी से बनबाने की दिशा में कुछ फ़ाइल पर कार्य भी किया है। सुभाष नगर, डेलापीर उपरिगामी पुल की फ़ाइल अभी भी कही दबी पड़ी होगी । सिटी शमशान रेलवे क्रॉसिंग, हार्टमैन एवम चौपला के पुराने रेल क्रॉसिंग पर अंडरपास बनने से जाम की समस्या हल भी हो सकती है। जिसका स्थलीय निरीक्षण सांसद संतोष गंगवार, वन मंत्री अरुण कुमार, विधायक संजीव कुमार रेल अधिकारियों के साथ कर भी चुके हैं। भारत सेवा ट्रस्ट वाली सड़क प्रेमनगर धर्मकांटा रोड,आई वी आर आई रोड, सिटी स्टेशन रोड, अलखनाथ रोड, श्यामगंज पुल के नीचे की रोड नालियों सहित अन्य सड़के बदहाल दशा में है रात में वहां अंधेरा रहता है। स्मरण रहे कुतुबखाना की होलसेल सब्जी एवम कुमार टाकीज वाली फल मंडी 33 साल पूर्व डेलापीर जा चुकी है। कुमार टाकीज की कथित फलमंडी अब फर्नीचर वालो के अतिक्रमण से पटी पड़ी है। कुतुबखाना और श्यामगंज सब्जी मंडी, बरेली (कुतुबखाना स्लाटर/ मीट बाजार भी हटाकर) के साथ ही कचहरी तहसील या जेल रोड, तिलक कॉलेज राजकीय इंटर कॉलेज के पास भी दिल्ली लखनऊ जनपथ की तर्ज पर पी पी मोड में बाहन पार्किंग / शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बन जाए तो कुतुबखाना, श्याम गंज, कचहरी एरिया, किला की बड़ी समस्या हल हो सकती है। जनहित में बरेली महत्व आजकल हो रहा है। नाथ नगरी के चौराहों के विकास के साथ ही वाहन पार्किंग पर बरेली विकास प्राधिकरण को नगर निगम के साथ संयुक्त रूप से मिलकर कुछ कार्य योजना भी बनाना चाहिए।













































































