पूर्व मंत्री आबिद रजा और सहसवान चेयरमैन बाबर मियां की गुफ्तगू से सियासी हलचल बढ़ी

बदायूँ। सपा के कद्दावर नेता एव पूर्व मंत्री आबिद रजा कल अचानक सहसवान पहुंचे। वहा उनकी चिरपरिचित राजनीतिक घराने के नगर पालिका चेयरमैन मीर हादी अली उर्फ बाबर मियां से बंद कमरे में मुलाकात के दौरान काफी देर तक गुफ्तगू हुई। दोनो ही प्रतिष्ठित राजनीतिज्ञ है। दोनो के बीच क्या गुफ्तगू हुई। इस बारे में दोनो ही खामोशी अख्तियार किए हुए हे। दोनो ने इस मुलाकात की पुष्टि तो की,लेकिन कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
आपको बता दे कि जनपद में गत माह मई में स्थानीय निकाय चुनाव हुए थे। इसमें पूर्व मंत्री आबिद रजा की पत्नी फात्मा रजा सदर नगर पालिका की चेयरमैन निर्वाचित हुई थी। सपा ने इस चुनाव में सिंबल नहीं दिए थे। पूर्व मंत्री की पत्नी सपा समर्थित होने का दावा करती रही। जबकि सपा जिला अध्यक्ष और सपा के लोकल अन्य नेताओं ने दूसरी प्रत्याशी का चुनाव लड़ाया और अंत तक उन्हें ही सपा समर्थित प्रत्याशी बताते रहे। लेकिन इस चुनाव में फात्मा रजा को जीत हासिल हुई। एक तरह से वह अपने पति पूर्व मंत्री आबिद रजा और खुद के बलबूते पर चुनाव लडी और जीती भी। ऐसे में वह एक तरह से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीती। वही दूसरी ओर सहसवान से मीर हादी अली उर्फ बाबर मियां भी निर्दलीय चुनाव जीते। उनका सहसवान में राजनीतिक रसूख अच्छा है।
तो पूर्व मंत्री आबिद रजा का जिले भर में खासा रसूख है। वह इस निकाय चुनाव में हिंदू मुस्लिमो के लीडर बन कर उभरे हैं। उन्होंने इस बार नई राजनीतिक रणनीति पर पत्नी को चुनाव लडा कर भाजपा और अपने विरोधियों को चारे खाने चित्त कर दिया था। उन्होंने हिंदू मुस्लिमो को एक प्लेटफार्म पर लाकर यह चुनाव जीता था।
अब वह लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मिशन 2024 पर जुट गए हैं। वह निकाय चुनाव के बाद इन दिनों जिले के नगर पालिका और नगर पंचायतों के निर्वाचित चेयरमेनो से मुलाकात कर रहे हे। उन्होंने अब तक ककराला, उसहैत,बिसौली,फेजगंज बेहटा,बजीरगंज आदि चेयरमैन से मुलाकात की है,तो सियासी गलियारों में कोई खास चर्चा नहीं हुई।
लेकिन चेयरमैन बाबर मियां से बंद कमरे में मुलाकात करते ही जिले भर का सियासी पारा चढ़ गया।
आपको बता दे कि सहसवान नगर पालिका के चेयरमैन मीर हादी अली उर्फ बाबर मियां का सहसवान नगर और विधान सभा छेत्र में खासा राजनीतिक रसूख है। उनके परिवार में विधायक रह चुके है, बाबर मियां खुद पहले भी चेयरमैन रह चुके हैं। हालांकि यह पुराने कांग्रेसी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन इस परिवार की सपा,बसपा,भाजपा में भी राजनीतिक दखलंदाजी है।
यही वजह हे कि पूर्व मंत्री आबिद रजा और सहसवान चेयरमैन बाबर मियां की बंद कमरे में चंद मिनट की मुलाकात और गुफ्तगू से जिले में सियासी पारा चढ़ गया। दरअसल लोकसभा चुनाव नजदीक है,इसलिए दोनो की मुलाकात के सियासी गलियारे में हर कोई अपने अपने ढंग से कयास लगा रहा है।