100 CCTV खंगालने के बाद मिली सफलता
देवरिया। कोतवाली रोड से गोरखपुर निवासी व्यापारी के 31 लाख रुपये तमिलनाडु के गिरोह ने झांसा देकर उड़ाए थे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने गिरोह के नाबालिग सदस्य को दस लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया है। मामले का खुलासा पुलिस लाइन में एसपी संकल्प शर्मा ने किया है। सभी आरोपी गोरखपुर के गीडा में किराए का कमरा लेकर रहते थे। इस गिरोह ने बड़हलगंज में भी घटना को अंजाम दिया था।
गोरखपुर के सूरजकुंड निवासी सुमित गोयल की संतकबीरनगर में फ्लोर मिल है। 9 मई को उनके छोटे भाई अमित गोयल कार चालक राधेश्याम विश्वकर्मा निवासी पीपीगंज गोरखपुर के साथ सुबह बिहार के बगहा में तगादा करने गए थे। करीब तीन व्यवसायियों से 35 लाख 41 रुपये की रकम वसूलने के बाद बैग को कार की अगली सीट पर रखकर देवरिया के लिए निकल पड़े।
शाम चार बजे के करीब वह कोतवाली रोड पर जीआईसी गेट के पास पहुंचे। इस जगह पर चालक कार में रुपये लेकर बैठा रहा और अमित गोयल गल्ला व्यवसायी चंदन से मिलने चले गए। अमित के जाने के करीब दो मिनट बाद दो युवक कार के पास आए और चालक को आवाज देकर बताए कि कार की दूसरी साइड के गेट के पास रुपये गिरे हैं। चालक गेट खोलकर दूसरी तरफ रुपये उठाने लगा।
चालक के झुकते ही उचक्के कार में रखे रुपये से भरा बैग लेकर भाग गए। घटना के खुलासे के लिए एसपी ने एसओजी को जिम्मेदारी दी। इसके बाद एसओजी ने करीब सौ सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल नंबरों को खंगाला तो सुराग मिल गया। इस पर एसओजी महाराष्ट्र के रवाना हो गई। कई दिनों तक रहने के बाद पुलिस को गिरोह का एक नाबालिग सदस्य हाथ लग गया।
पुलिस पूछताछ की तो घटना का खुलास हो गया। उसने बताया कि गिरोह के विश्वनाथ, अविनाश मरम्मा नायडु, निवासी नंदूपुर महाराष्ट्र, शक्तिवेल, रिशन निवासी त्रिचना पल्ली तमिलनाडु ने रुपये उड़ाए थे। पुलिस ने नाबालिग शातिर की निशानदेही पर दस लाख रुपये बरामद किया है। गिरोह के सभी सदस्य गीडा में किराए का कमरा लेकर रहते थे। घटना के बाद ताला बंद कर फरार हो गए थे। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।













































































