ज्ञानवापी से जुड़े 7 मामलों की एक साथ सुनवाई की मांग पर कोर्ट में बहस
वाराणसी। बहुचर्चित ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े सात मामलों की सुनवाई एक साथ किए जाने के मुद्दे पर शुक्रवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में वादी और प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दलील पेश की। कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 19 मई तय की। ज्ञानवापी से जुड़े श्रृंगार गौरी वाद की महिला वादिनियों लक्ष्मी देवी, रेखा पाठक, सीता साहू व मंजू व्यास ने जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर सात मामलों की सुनवाई एक साथ, एक ही अदालत में करने की मांग की थी। शुक्रवार को राखी सिंह की तरफ से अधिवक्ता शिवम गौड़, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से अधिवक्ता रमेश उपाध्याय, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से रईस अहमद आदि ने दलील रखकर एक साथ सुनवाई नहीं किए जाने की मांग की। वहीं चार महिला वादियों के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी व सुधीर त्रिपाठी ने कहा की सातों मुकदमे एक प्रकृति के हैं। सभी का एक ही आराजी नंबर है और सभी मुकदमों का उद्देश्य एक है। ऐसे में समय की बचत और कोर्ट की सुविधा को देखते हुए सभी सात मामलों की एक साथ सुनवाई किया जाना न्यायसंगत है। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 19 मई तय की है। इसी अदालत में राखी सिंह व 4 महिलाओ की तरफ दाखिल श्रृंगार गौरी वाद में भी सुनवाई थी। इस पर भी अब 19 मई को सुनवाई होगी। इस मामले मे एक पक्षकार रामप्रसाद सिंह ने एक अन्य पक्षकार नीरज शेखर सक्सेना की मृत्यु चार फ़रवरी 2022 को होने पर उनके स्थान पर उनके उत्तराधिकारी बनाने का अनुरोध अधिवक्ता के जरिए आवेदन देकर किया गया। जिन सात मामलों की एक साथ सुनवाई किए जाने का अनुरोध जिला जज की अदालत से श गौरी वाद की महिला वादिनी लक्ष्मी देवी, रेखा पाठक, सीता साहू व मंजू व्यास ने किया है, वो सभी एक ही प्रकृति हैं। पहला मामला अविमुक्तेश्वरानंद, दूसरा मां श्रृंगार गौरी व अन्य,तीसरा आदि विश्वेश्वर व अन्य, चौथा आदि विश्वेश्वर आदि, पांचवां मां गंगा व अन्य, छठा सत्यम त्रिपाठी व अन्य और सातवां नंदी जी महाराज की तरफ से दाखिल वाद हैं। यह सभी वाद एक ही प्रकृति के बताए गए हैं। इनमें आराजी नंबर 9130 के स्वामित्व की मांग और ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी, आदि विश्वेश्वर व अन्य देवी देवताओं के राग भोग, दर्शन पूजन आदि की मांग नाबालिग देवता मानते हुए की गई है।













































































