फ्लोरिडा में अब महिलाएं 6 सप्ताह के बाद गर्भपात नहीं करा सकती

फ्लोरिडा, एजेंसी। फ्लोरिडा में अब महिलाएं 6 सप्ताह के बाद गर्भपात नहीं करा सकती हैं। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसांटिस ने गुरुवार को इस बिल पर सहमति दे दी है। इसके तहत फ्लोरिडा में महिलाएं 6 सप्ताह के बाद गर्भपात नहीं कर सकती हैं। लेकिन उनके इस विधेयक की कड़ी आलोचनाए हुईं। व्हाइट हाउस ने इस विधेयक को महिलाओं के लिए उचित नहीं ठहराया है। फ्लोरिडा में पेश किए गए बिल के मुताबिक महिलाएं 6 सप्ताह के बाद गर्भपात नहीं करा सकती हैं, वहीं दूसरी ओर यदि महिलाओं का स्वास्थ्य गर्भावस्था से खतरे में है तो महिलाएं केवल 15 सप्ताह से ज्यादा समय के बाद गर्भपात नहीं करा सकती हैं। इसी के साथ बिल में महिलाओं को यह भी छूट दी गई है कि यदि कोई महिला यौन उत्पीड़न का शिकार हो कर प्रेगनेंट हुई है तो ऐसी स्थिति में भी केवल 15 दिन के अंदर ही गर्भपात करा सकती है। व्हाइट हाउस ने इस कदम की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बिल मौलिक स्वतंत्रता के खिलाफ है और कई अमेरिका के नागरिक इस बिल से सहमत नहीं है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने गुरुवार को एक बयान में कहा, इस प्रतिबंध के कारण फ्लोरिडा की प्रजनन आयु वाली चार मिलियन महिलाएं प्रभावित होंगी, क्योंकि छह हफ्ते तक गर्भवती होने का पता चलना मुश्किल होता है। फ्लोरिडा के रिपब्लिकन-वर्चस्व वाली विधायिका ने 40 के मुकाबले 70 मतों के साथ इस बिल को पारित किया है। एक साल में यह दूसरी बार था जब फ्लोरिडा ने गर्भपात की अवधि में कटौती की है। अप्रैल 2022 में गर्वनर रॉन डीसांटिस ने फ्लोरिडा में गर्भपात करने के समय को कम किया था। उन्होंने अप्रैल में इसे 24 से घटाकर 15 सप्ताह कर दिया था। हालांकि इसमें भी यौन उत्पीड़न या अनाचार के लिए कोई अपवाद नहीं था। फ्लोरिडा में 6 सप्ताह के बाद गर्भपात प्रतिबंधित करने वाला बिल तब तक लागू नहीं होगा जब तक कि फ्लोरिडा सुप्रीम कोर्ट 15 सप्ताह की सीमा के खिलाफ कई संघों द्वारा दायर अपील पर यह तर्क नहीं देता कि यह कानून राज्य गोपनीयता खंड का उल्लंघन करता है। डीसांटिस ने यह बिल फ्लोरिडा के रूढ़िवादी विचारों वाले नागरिकों के बीच अपनी साख को मजबूत करने के किए पेश किया है क्योंकि वह अमेरिका में 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में नामंकन कर सकते हैं। फ्लोरिडा में पेश किए गए इस कानून के समर्थक भी हैं तो दूसरी ओर इसके आलोचक भी हैं। बिल के समर्थकों का दावा है कि इससे मासूम बच्चों के जीवन की रक्षा होगी। लोकतांत्रिक विपक्ष और गर्भपात के अधिकार के पक्ष में कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्य को निजी फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे कई महिलाओं को जोखिम उठाना पड़ सकता है। गैर-लाभकारी सार्वजनिक धर्म अनुसंधान संस्थान के एक सर्वेक्षण के अनुसार, फ्लोरिडियन के चौंसठ प्रतिशत का मानना है कि सभी या अधिकांश मामलों में गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिए।