पदयात्रा पूर्ण होने के बाद विलय स्थल पर ही प्रवास कर रही हैं वॉटर वुमेन
वाराणसी। पंचतत्व फाउंडेशन की संस्थापक वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक की माँ गोमती की आध्यात्मिक एवं जन-जागरण पदयात्रा पूर्ण हो गई है। वॉटर वुमेन अभी तक वाराणसी के कैथी में स्थित विलय स्थल पर ही प्रवास कर रही हैं, उन्होंने संतों और कन्याओं से आशीर्वाद लिया, साथ ही जल के संरक्षण और पौधारोपण को लेकर संवाद किया। उल्लेखनीय है कि वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक ने 28 फरवरी को पीलीभीत जिले में माधोटांडा स्थित उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर माँ गोमती की पदयात्रा करने का संकल्प लिया था। 1 मार्च को उद्गम स्थल से केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रथम भिक्षा देकर पदयात्रा का शुभारंभ कराया था। वॉटर वुमेन माँ गोमती के किनारे कंटीले और पथरीले रास्ते पर चलते हुये पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और जौनपुर जिले की सीमा पार कर 8 अप्रैल को वाराणसी जिले में कैथी स्थित विलय स्थल पर पहुँच गई थीं। 9 अप्रैल को वॉटर वुमेन ने विलय स्थल और प्राचीन मार्कंडेय मंदिर में पूजा-अर्चना की थी, साथ ही प्राचीन मंदिर के प्रांगण में अभिनंदन समारोह हुआ, जिसमें वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक का भव्य स्वागत किया गया। वॉटर वुमेन अभी विलय स्थल पर ही प्रवास कर रही हैं। सोमवार को वॉटर वुमेन ने उद्गम स्थल पर ही आश्रमों में जाकर संतों से आशीर्वाद लिया, साथ ही वॉटर वुमेन को आशा ट्रस्ट के केंद्र पर आने का निमंत्रण दिया गया तो, वॉटर वुमेन ने वहां जाकर संवाद किया। वॉटर वुमेन ने कहा कि आशा ट्रस्ट सराहनीय कार्य कर रहा है, वे अपने कार्यों में जल की स्वच्छता और पौधारोपण करने को भी प्राथमिकता दें तो, और बेहतर होगा।वॉटर वुमेन ने ईंट भट्टे पर जाकर मजदूरों के बच्चों के साथ भी समय बिताया। उन्होंने कहा कि पदयात्रा पूर्ण हो गई लेकिन, संतों और कन्याओं का आशीर्वाद लिये बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। वॉटर वुमेन ने मजदूरों के बच्चों को पढ़ाने वाली संस्था की भी सराहना की।













































































