बोलेरो से कुचलकर की गई प्रधान की हत्या
उसावां। बोलेरो की टक्कर से हुई प्रधान राजबहादुर सिंह की मौत हादसा नहीं, बल्कि उनकी साजिशन हत्या की गई थी। हत्याकांड को अंजाम चुनावी रंजिश में दिया गया था। प्रधानी का चुनाव हारने वाले पक्ष ने साजिश रचकर प्रधान को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने भी मामला सड़क हादसे में ही दर्ज किया था लेकिन कई साक्ष्य मिलने के बाद हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पिछले साल छह दिसंबर को बछेली दारानगर के मझरा उदैया नगला में रहने वाले राजबहादुर सिंह उसावां से बाइक में पेट्रोल डलवाकर अपने गांव जा रहे थे। इस दौरान बोलेरो ने उनको कुचल दिया था। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रधान की पत्नी सुनहरी देवी ने अज्ञात बोलेरो चालक और गांव के ही बबलू, अवधेश, चोबसिंह, बागेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने इस मामले की पड़ताल शुरू की तो सड़क हादसे के बजाय हत्या की दिशा में भी जांच शुरू कर दी। वजह थी कि मृतक की पत्नी ने गांव के ही आरोपियों पर हत्या करने का भी संदेह जाहिर किया था। इसके बाद पुलिस को पुख्ता सबूत मिले तो आरोपी बबलू और अवधेश को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया। हत्या के लिए खरीदी थी नई बोलेरो प्रधान की हत्या की साजिश अवधेश और बबलू ने रची थी। अवधेश पक्ष का प्रधान हारा था इसलिए दोनों को शक था कि अब विजयी हुए प्रधान उन पर मुकदमा दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही उन्होंने चोब सिंह और बागेश को भी इस योजना में शामिल कर लिया। इसके बाद योजना के तहत अवधेश ने बोलेरो खरीदी और उसको छिपाकर रखा था। बाद में इसी से कुचलकर प्रधान की हत्या कर दी गई। ऐसे हुआ हत्याकांड का खुलासा पुलिस को जब हत्या से जुड़े कुछ साक्ष्य मिले तो इस दिशा में जांच करते हुए घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस दौरान पता चला कि जिस बोलेरो से प्रधान को कुचला गया था वह प्रधान के ईद-गिर्द चार से पांच बार निकली थी। यहीं से पुलिस ने बोलेरो का नंबर ट्रेस किया और बोलेरो मिलते ही हत्याकांड का खुलासा हो गया। इस संबंध में एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधान की हत्या को हादसा दिखाने का प्रयास किया गया था। साक्ष्यों के आधार पर घटना का वर्कआउट किया गया है।













































































