बदायूं। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश राठौर एवं वीरेश तोमर के संयुक्त नेतृत्व में पंडित चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की 92 वी पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनको याद किया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री सुरेश राठौर ने उनको नमन करते हुए कहा के पंडित चंद्र शेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1960 को श्री चंद शेखर तिवारी मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के भाबरा गांव में घर में हुआ था। बचपन में ही आदिवासियों के बीच रहकर आजाद ने धनुष बाण चलाना सीखा और निशानेबाजी में निपुण हो गए और इसी हुनर से क्रांतिकारियों के बीच में प्रसिद्ध रहे ,मशहूर काकोरी कांड में उनकी मुख्य भूमिका रही थी ,और जीवन पर्यंत अंग्रेजों की पुलिस उनको पकड़ने में नाकाम रही। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री वीरस तोमर ने कहा की चंद्रशेखर आजाद इतने लोकप्रिय थे जब इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में उन्होंने अंग्रेजों को खुद को ना सौंपते हुए अपने गोलीमार आत्महत्या कर ली तब अंग्रेजों ने अल्फ्रेड पार्क के उस पेड़ को कटवा दिया और चुपचाप उनका दाह संस्कार कर दिया ,परंतु जब उनके अस्थि कलश विसर्जन को जा रहे थे और लाखों लोगों की भीड़ उस यात्रा में उनके अस्थि कलश के साथ चल रहे थे तब अंग्रेज सरकार अत्यंत डर गई थी। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव डॉ राम रतन पटेल ने कहा सर्वप्रथम पंडित चंद्र शेखर आजाद महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में 15 साल की उम्र में जब गिरफ्तार हुए थे तो जज ने उनका पता पूछा अपना नाम आजाद बताया , पिता का नाम स्वतंत्रता, घर का पता जेल ,बताया इससे नाराज होकर जज ने उन्हें 15 कोडो की सजा दी और हर कोड़े पर वह वंदे मातरम और महात्मा गांधी की जय भारत माता की जय के नारे नारे लगाते रहे श्रद्धांजलि सभा में बाबू चौधरी, लाल मियां चौधरी, सलारपुर ब्लाक ब्लॉक अध्यक्ष मोरध्वज राजपूत ,उत्तर प्रदेश मीडिया कांग्रेस के सचिव शशांक राठौर हरीश कुमार ,राहुल शर्मा ,शिवा आदि कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।