डीएम और युवा मंच की मानवीय पहल से बुजुर्ग लावारिश महिला को जीवनदान मिला
बदायूं।स्वास्थ्य विभाग की संवेदन शून्यता और बड़ी लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई पिछले दिनों जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने इलाज को आई बुजुर्ग महिला को तीन दिन तक ताला लगाकर कमरे में बंद रखा इस बार भर्ती लावारिश, बुजुर्ग, मंदबुद्धि महिला अस्पताल से पहुंच गई रोडवेज बस स्टैंड, जिला अस्पताल के अधिकारी,कर्मचारियों को पता ही नही चला और न ली खैर खबर जिला अस्पताल के अधिकांश चिकित्सक ड्यूटी की बजाय निजी प्रैक्टिस में रहते व्यस्त,इन चिकित्सकों के चल रहे नर्सिंग होम,क्लीनिक,इसलिए इन्हे मरीजों से नहीं हे कोई सरोकार खबर जिला पुरुष अस्पताल में लावारिस बुजुर्ग महिला भर्ती थी। वह अस्पताल से निकल कर कब रोडवेज बस स्टैंड पहुंच गई किसी को खबर तक नहीं लगी, यह लावरिश मंद बुद्धि बुजुर्ग महिला की याददाश्त भी खो चुकी हे। गंभीर रूप से बीमार है, कुछ दिन इधर उधर रहती तो उसकी जान नही बचती। इस महिला पर युवा मंच संगठन के ध्रुव देव गुप्ता और अन्य कार्यकर्ताओं की नजर पड गई। इन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों से गुहार लगाई,लेकिन यह पत्थर दिल स्वास्थ्य अधिकारी में से किसी का दिल नहीं पसीजा।
थक हार कर इन लोगों ने डीएम मनोज कुमार से गुहार लगाई। डीएम की मानवीय पहल पर युवा मंच को उत्साह बढ़ गया।
डीएम के प्रयास से अपना घर आश्रम भरतपुर राजस्थान के अनूप अग्रवाल हैल्पलाईन कॉडिनेटर को जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर विजय बहादुर राम ने सारी कागजी कार्यवाही के उपरांत सुपुर्द किया।
ऐसी संस्था जो लावारिस अज्ञात मंदबुद्धि असहाय पुरुष/महिला को दयनीय स्थिति में अपना घर आश्रम में हर तरह की सुविधाएं देकर रख रखाव करते है इस मौके पर अनूप अग्रवाल हैल्पलाईन कॉडिनेटर का स्वागत भी किया गया ।
आज एंबुलेंस बदायूं लावारिस महिला को हाथरस तक भेजा गया जहां से अपना घर आश्रम के वाहन से भरतपुर राजस्थान अपना घर आश्रम भेज दिया जायेगा ।













































































