गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों के बलिदान को याद किया
बदायू। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई० क्यू०ए० सी०) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल के संरक्षण में गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के अविस्मरणीय बलिदान की याद में “वीर बाल दिवस” मनाया गया जिसके तहत छात्राओं द्वारा कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर एवं गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया गया। प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल ने बताया कि उन्होंने अपनी वीरता और अपने आदर्श से एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत कर दिया, जो आज भी हर किसी के लिए अनुकरणीय है। नैक कॉर्डिनेटर असिस्टेंट प्रोफेसर सरला चक्रवर्ती नेवीर बाल दिवस मनाये जाने पर प्रकास डालते हुए बताया कि गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत, उनके बलिदान को यह देश भूल न जाए, इसलिए प्रधानमंत्री की ओर से 26 दिसम्बर को यह कदम उठाया गया है।

वास्तव में इन चारों साहिबजादों के बलिदान की यह कहानी युवा पीढ़ी को अपने देश से, अपने धर्म से, अपने वतन से प्रेम करने का संदेश देती है। जिन्होंने देश की खातिर, अपने धर्म की खातिर हंसते-हंसते अपना बलिदान कर दिया, लेकिन उन्होंने अन्याय के आगे कभी भी झुकना स्वीकार नहीं किया। हम सभी को भी गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत से प्रेरणा लेने एवं देश के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने की आवश्यकता है। निबंध लेखन प्रतियोगिता में शिवांगी प्रथम, रेनू द्वितीय एवं सलोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में अंशिका प्रथम, पूनम यादव द्वितीय, राजकुमारी तृतीय रहीं। इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती, डॉ श्रद्धा यादव, डॉ शिखा पांडेय डॉ निशी अवस्थी सहित समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।














































































