किसानों को न होने पाए कोई परेशानी : डीएम
बदायूँ। जिलाधिकारी मनोज कुमार ने नवागत मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार एवं अन्य संबंधित अधिकारियों व फैक्ट्रियों के प्रतिनिधियों एवं थोक विक्रेताओं के साथ मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में बैठक आयोजित की।
डीएम ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की जमाखोरी कालाबाजारी ना होने पाए किसानों को आधार कार्ड एवं खतौनी से पॉस मशीन से उर्वरक नियम अनुसार विक्रय किए जाएं। निर्धारित दरों के आधार पर ही उर्वरक बेची जाए। किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना ना होने पाए इसका खास ख्याल रखें। संबंधित अधिकारी इसका गहनता से निरीक्षण करते रहे कहीं भी लापरवाही न बरती जाए।
किसानों को अवगत कराया जाए कि मानक के अनुसार ही रसायनिक उर्वरक का प्रयोग किया जाए अधिक मात्रा में इसका प्रयोग करने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है इसका खास ख्याल रखें। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि अन्नदाता को परेशान करने वाले विक्रेताओं पर कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

डीएम ने कहा कि जनपद में कस्टम हाईरिंग सेन्टर एवं स्थापित फार्म मशीनरी बैंकों द्वारा किसानों को कृषि कार्य में उपयोग हेतु पराली प्रबंधन एवं अन्य कृषि कार्य हेतु कृषि यन्त्र किराये पर दिये जाते हैं जनपद की स्थानीय प्रचलित दरें प्रति घंटा की दर हैं जो स्थानीय प्रचलित किराया दर के अनुसार है जिनका विवरण नीचे दिया जा रहा है। स्थानीय कृषि यन्त्र किराया दरें यह है कि सुपर सीडर रु 1400, थ्रेसर रू 1200, लेजर लैण्ड लेवलर रु 1100, मल्चर रु 800, रिर्वसिवल एम0बी0 प्लाऊ रु 1200, हैरो रु 1000, कल्टीवेटर रु 900, रोटावेटर रु 1200, जीरोटिल सीड कम फर्टीलाईजर ड्रिल रु 1000, स्ट्रारीपर रु 1200 तथा चारा मशीन रू 1100 प्रति घण्टे की दर से किराया निर्धारित किया गया है, उक्त वर्णित प्रचलित दरों में किसी किसान भाई को यदि कोई सुझाव या प्रस्ताव देना है तो वह अपना प्रस्ताव अथवा सुझाव कार्यालय उप कृषि निदेशक बदायूँ में 02 दिवस के भीतर प्रस्तुत कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह, जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन, एआर कोऑपरेटिव एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।














































































