बदायू। बिल्सी तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित आर्य समाज मंदिर में सप्ताहिक सत्संग व यज्ञ किया गया। वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा “ईश्वर को मानने वाला यदि सदाचारी नहीं है, न्यायकारी नहीं है, ईमानदार नहीं है, दानी, परोपकारी, देशभक्त नहीं है तो समझना कि वह ईश्वर से कोसों दूर है। जैसे कोई बहुरुपिया गाता तो है किंतु आचरण कुछ भी न सुधारता वैसे ही यदि व्यक्ति अपना आचरण नहीं सुधरता तो उसका भजन व्यर्थ है। कुमारी तृप्ति आर्य ने कहा “देह मिट जाती है बस प्यार अमर रहता है, आदमी का यहाँ व्यवहार अमर रहता है । उन्होंने कहा “संसार में न तो कोई हमारा धन देखता है न हमारा परिवार देखता है किंतु हमारा व्यवहार ही सब देखते हैं, इसलिए हम सबको विनम्र होना चाहिए. परोपकारी होना चाहिए। इस अवसर पर कुमारी किरन आर्य, मोना आर्य, कुमारी ईशा आर्य, तानिया आर्य ने भजन गाए कार्यक्रम में श्रीमती मिथिलेश रानी , प्रश्रय आर्य, गोपाल आर्य ,अंजलि रानी, भावना रानी, संतोष कुमारी, सुखबीर सिंह आदि मौजूद रहे।