जिलाधिकारी ने गोष्ठी के माध्यम से किसानों को पराली नहीं जलाने को जागरूक किया

पीलीभीत। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार द्वारा पराली प्रबन्धन में जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत आज ग्राम पिपरिया मझारा व सिकरहना में ग्राम वासियों के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजित गोष्ठी में जिलाधिकारी ने कृषकों को पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। साथ ही पराली का उचित प्रयोग करते हुये सही समय पर रबी की बुवाई कैसे की जाये के सम्बन्ध में चर्चा की गई। सर्वप्रथम किसानों को बताया गया कि खेत में पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ साथ उसे पाये जाने वाले लाभदायक जीवाणु एवं केचुआ भी नष्ट हो जाते है, जिससे फसल की पैदावार कम हो जाती है। धान की कटाई के बाद किसान बन्धु सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट लगे हुए हार्वेस्टर से कटाई करके पराली पर वेस्ट डी कम्पोजर का छिडकाव कर उसको मिट्टी में मिला देने के उपरान्त फसल की बुबाई करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ जाती है तथा सफल का उत्पादन भी अधिक प्राप्त होता है। इस प्रकार लगभग उतने ही समय में और थोडे से अधिक लागत को लगाकर ज्यादा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता हे। इसके अतिरिक्त किसान बन्धु पराली में ही हैपी सीडर से सीधे बुबाई कर सकते है। तथा प्लाव को एकत्रित करके बिक्री भी कर सकते है वर्तमान में एचपीसीएल कम्पनी रू. 3400/टन क्रय कर रही है। आयोजित गोष्ठी में वेस्ट डी कम्पोजर का प्रयोग कैसे किया जाये तथा मषीनों के प्रयोग से पराली का प्रबन्धन कैसे किया जाये के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई। वर्तमान में पूरनपुर विकासखण्ड में पराली प्रबन्धन से सम्बन्धित 07 मषीनरी बैंक एवं 73 कस्टम हॉयरिंग सेंटर स्थापित है। उन्होंने बताया कि किसान बन्धु किराये पर यंत्र लेकर अपनी पराली का उचित प्रबन्धन कर सकते है।
इसके उपरान्त जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सभागार में पूरनपुर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजित गोष्ठी में जिलाधिकारी ने किसानों से पराली न जलाने की अपील की गई। जिलाधिकारी ने कृषकों को अवगत कराया कि एन0जी0टी0 एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा बराबर निगरानी की जाती है और मा0 न्यायालय द्वारा पराली जलाने पर दण्ड का प्रावधान भी किया गया। जिलाधिकारी ने कृषकों से अवाहन किया गया कि हम किसी भी प्रकार का दण्ड नही लगाना चाहते है हम चाहते है कि किसान भाई स्वयं जागरूक होकर पराली का सद्उपयोग करें और भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हुये अपनी उपज में बढोत्तरी करें।
आयोजित गोष्ठी में श्री देवेन्द्र कुमार रज सिंह उप कृषि निदेषक, श्री आषुतोष गुप्ता उप जिलाधिकारी, श्री ध्रुव नरायन यादव तहसलीदार, उप पुलिस अधीक्षक पूरनपुर के साथ साथ कृषि राजस्व एवं ग्राम विकास के ग्राम स्तरीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
डॉ यासीन खान
