भारतीय संस्कृति में हिंदी को मातृ भाषा का दर्जा दिया जाता : गोयल

बदायूं । युवा संकल्प सेवा समिति के तत्वधान में हिंदी दिवस के अवसर पर नगर पालिका गेस्ट हाउस में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि नगर पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल उपस्थित रही। जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव पुनीत कुमार कश्यप एडवोकेट ने किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए नगर पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल ने कहा कि हिंदी भाषा में सभी भावों को भरने की अद्भुत क्षमता है, यही कारण है कि हिंदी को भारत की जननी भाषा कहा जाता है। भारतीय संस्कृति में हिंदी को मातृ भाषा का दर्जा दिया जाता यह महज भाषा नहीं बल्कि भारतीयों को एकता व अखंडता के सूत्र में पिरोती है। हिंदी को मन की भाषा कहा जाता है, जो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, संसद से लेकर सड़कों तक और साहित्य से लेकर सिनेमा तक हर जगह संवाद का सबसे बड़ा पुल बनकर सामने आती है। हिंदी हमारे साहित्यकारों की संस्कृति थी। महात्मा गांधी ने भी एक बार कहा था कि, जिस प्रकार ब्रिटेन में अंग्रेजी बोली जाती है और सारे कामकाज अंग्रेजी में किए जाते हैं, ठीक उसी प्रकार हिंदी को हमारे देश में राष्ट्रभाषा का सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन आज भी हम हिंदी को राष्ट्भाषा का दर्जा नहीं दिलवा पाए।
संस्था के सचिव पुनीत कुमार कश्यप एडवोकेट ने कहा कि हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदू भाषा को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया था। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया। हालांकि इसे 26 जनवरी 1950 को देश के संविधान द्वारा आधिकारिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करने के विचार को मंजूरी दी गई। हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करने के दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
संस्था के कोषाध्यक्ष योगेंद्र सागर ने कहा कि आज के समय में अंग्रेजी की ओर एक झुकाव है जिसे समझा जा सकता है क्योंकि अंग्रेजी का इस्तेमाल दुनिया भर में किया जाता है और यह भी भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। यह दिन हमें यह याद दिलाने का एक छोटा सा प्रयास है कि हिंदी हमारी आधिकारिक भाषा है और बहुत अधिक महत्व रखता है।
इस मौके पर निखिल गुप्ता, मुनीश कुमार, विशाल वैश्य, राजेंद्र शाक्य, इरफान अंसारी, केंद्रभान सिंह, अनवर हुसैन,आकाश सागर सौरभ कुमार आदि लोग उपस्थित रहे
