विभाजन की विभीषिका पर हुई गोष्ठी और सम्मान समारोह
शाहजहांपुर। जनपद के एस एस कॉलेज और एस एस लॉ कालेज ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर विभाजन की विभीषिका विषय पर एक गोष्ठी तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ। वन्देमातरम् के बाद डा विकास खुराना ने विषय स्थापना करते हुए विभाजन की परिस्थितियों और जनसामान्य के जीवन में होने वाली उथल पथल पर प्रकाश डालते हुए कहा की विभाजन के साथ परिवारों का विभाजन भी हुआ । जि का दर्द विस्थापित समाज आज तक सहन कर रहा है । पजाबी महासभा के नए सत्र के अध्यक्ष कृष्णलाल छाबड़ा ने अपने पारिवारिक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि ” मुस्लिम लीग द्वारा बनाया गया प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस सभ्य समाज पर कभी न मिटने वाला कलंक है।इस रोज नौआखली और पश्चिमी पंजाब में जहां जहां लीग की सरकार थी सार्वजनिक छुट्टी कर हिंदुओ और पंजाबियो पर हमले किए गए।”

सिख पंजाबी महासभा के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह गोल्डी ने कहा कि आज पाठ्यक्रम में यह तो बताया जाता है कि अकबर महान था और औरंगजेब ने किस तरह हुकूमत कायम की किंतु न ही ऊधम सिंह की वीरता की कहानी सुनाई जाती है और न ही सिख गुरुओं की कुर्बानी के लिए कुछ बताया जाता है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष कुलदीप दुआ ने कहा कि सिख पंजाबी मेहनतकश कौम है,इसने न ही कभी भिक्षा मांगी बल्कि हमेशा भूखे प्यासे को खाना देकर उसकी दुआए ही ली है।

नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि शासन द्वारा आयोजित विभाजन विभीषिका के संदर्भ में हम लोग एकत्रित हुए है वही एडीएम राम सेवक द्विवेदी ने दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत में आए विस्थापित परिवारों के पंजाबी समाज के 92 वर्षीय सरदार प्यारा सिंह और 91 वर्षीय माता भगवंती चोपड़ा को स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने माला पहनाकर और अंग वस्त्र भेंट करके सम्मनित किया। डा ए के मिश्रा ने उन्हें महाविद्यालय का स्मृति चिन्ह भेंट किया । डा खुराना ने कहा की वयोवृद्ध बिहारी लाल चांदना, सतनामदास सचदेवा, रघुनाथ बत्रा, जुझार सिंह, वेदप्रकाश कुमरा को उनके घर जा कर सम्मानित किया जाएगा। डा अनुराग अग्रवाल के संचालन में हुए कार्यक्रम के अंत में विभाजन पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
उपस्थित लोग
श्रीरामनगर मंदिर कमेटी के प्रधान ला जपात बत्रा,पूर्व सभासद कृष्ण गोपाल बिननू हरीश सचदेव,चंदू गुलाटी,सुरेंद्र सेठी,सुनील गुप्ता,कर्मवीर सिंह बग्गा,दिनेश गोगिया,यश सचदेव,अनमोल खुराना,दुर्गा अरोड़ा, मनीष कालड़ा आदि उपस्थित थे।














































































