आनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित हुई
बदायूं।हिन्दी सेवी पंचायत के बैनर तले एक आनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें मुख्य अतिथि हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट रहें अध्यक्षता बरेली के वरिष्ठ साहित्यकार राजेश शर्मा रहे
सरस्वती वंदना हर्षवर्धन मिश्रा ने पढ़ी .
उसके बाद बरेली से राजेश शर्मा ने कहा…
होली के दिन तो आ जा हूँ इंतजार में
बेचैन हुआ दिल मेरा अब तेरे प्यार में
त्योहार बड़ा ही पावन मौसम का मस्त नजारा
आओ न होली खेलें मिलकर बहार में
सारी खुशियों से बढ़कर बस तेरा मिलन है मुझको
क्या कोई कमी है लगती मेरे व्यवहार मे
बाराबंकी से शंशाक शेखर ने पढ़ा…..
बहे फगुनी बयार, होली का खुमार, है रंगों का पर्व मनायेंगे हम,
झूमेंगे, नाचेंगे, गायेंगे मस्ती में, अबीर, गुलाल उड़ायेंगे हम |
बैर भावों को होलिका में कर दहन, प्रीत के भाव जगायेंगे हम,
छूटे नहीं कभी प्रीत का ये रंग, इस बार वो रंग लगायेंगे हम ||
लखीमपुर खीरी से नाजिम नदीम ने पढ़ा…
इस बरस ऐसी होली मनाएंगे हम,
रंग चाहत का सबके लगाएंगे हम।
मधुकर निरंजन डिबाई ने पढ़ा….
वृन्दावन में श्याम खेल रहे, सखियन संग होली।
रंग भर के पिचकारी मारें, मुख लिपटावें रोली
किसी किसी ने रंग गुलाल से, भर राखी है झोली
बदायूं के ओजस्वी कवि षटवदन शंखधार ने कहा …..
रंग ही रंग सबको नजर आ रहा
गोरे गालों पे कैसा यह रंग भा रहा
जिसको देखो वो हाथ में रंग है लिये
जिससे पूछो वो तेरे ही घर जा रहा
सीतापुर से रोहित कुमार विश्वकर्मा ने पढ़ा…..
होली के त्यौहार बीच सबके दिलों में आज
प्रेम की वो प्यारी बदली भी यहां छायेगी ।
भाभी और देवर में गालों पे गुलाल वाली
रंगो की वो लाली प्यारी फिर दोहराएगी।
प्रवीन अग्रवाल नादान ने पढ़ा…..
ना किसी से मिलना जुलना,ना कोई हंसी ठिठोली।
मोबाइल में सिमट गई है,आज के दौर की होली।
शिवेंद्र मिश्रा लखीमपुर खीरी ने पढ़ा…..
गीत होली के गा दीजिए राग में।
द्वेष सारे दहन कीजिए आग में।
रुठे कोई अगर तो मनाकर सखे-
प्रेम से रंग लगा दीजिए फाग में।।
प्रतोष मिश्रा, काशीपुर ने कहा…
अबकी होली में कोई रंग ऐसा ईजाद किया जाए।
रंगे तो एकबार मगर, वर्षों तक याद किया जाए।….
विष्णु असावा बिल्सी ने कहा
रहे प्रेम की भावना मन में चरमोत्कर्ष
होली आती है सदा जब बीते इक बर्ष
प्रेम प्यार अनुराग का सब में हो बिस्तार
होली की शुभकामना स्वीकारें सहर्ष
इसके अलावा सुनील शर्मा , अचिन मासूम, हर्षवर्धन मिश्रा, मोहित अजमेरा,प्रेम दक्ष ने भी काव्य पाठ किया|कार्यक्रम का संचालन षटवदन शंखधार बदायूं ने किया और सभी को रंगोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई दी|














































































