राज्यपाल ने बरेली में नवनिर्मित लखनऊ पब्लिक स्कूल किया उद्घाटन
बरेली। राज्यपाल/कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने आज रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर-03 चन्द्रपुर बिजपुरी स्थित नवनिर्मित लखनऊ पब्लिक स्कूल का उद्घाटन किया।राज्यपाल महोदया का स्वागत बच्चों ने बैंड के माध्यम से तत्तपश्चात राज्यपाल महोदया ने विद्यालय के शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ शुरुआत राष्ट्रगान से की गई।राज्यपाल महोदया ने फलों की टोकरी का स्पर्श कर उसे बच्चों में वितरण के लिए दे दिया। कार्यक्रम में छात्राओं ने सर्वधर्म सम्भाव को प्रदर्शित करते हुए तथा देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रदर्शन किया।विद्यालय प्रबंधक/लोक सभा सांसद एसपी सिंह बघेल ने विद्यालय के इतिहास पर रोशनी डालते हुए बताया कि किस प्रकार उनका विद्यालय बच्चों को सर्वागीण विकास पर कार्य करता है। उन्होंने बताया कि आज आईसीएससी बोर्ड परीक्षा का परिणाम आया है और उसमें उनके विद्यालय के छात्र शिवम अवस्थी ने 99.99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिन्हें 1.51 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इकरा आलम, समृद्धि द्विवेदी, जूही चौधरी, शाबिर प्रकाश श्रीवास्तव ने भी 99 प्रतिशत अंक हासिल किये हैं।राज्यपाल महोदया ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुझे प्रसनता है कि बघेल जी ने बरेली में आकर लखनऊ पब्लिक स्कूल को बनाया और शिक्षा की दिशा में कदम उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों के पढ़ने के लिये ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि आने वाले समय में दुनिया की तमाम व्यवस्थाओं का सामना कर सकें। दुनिया तकनीकी के माध्यम से नयी-नयी चीजें सीख रही है इसलिए हमें भी तकनीकी को बढ़ाने, नए-नए कोर्स लाने और शिक्षकों का प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और बच्चों को हुनर सिखाना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा प्रदेश-ऐसा भारत बनाना है जो पूर्व के समान विश्व गुरू था।
राज्यपाल महोदया ने कहा कि लखनऊ पब्लिक स्कूल की 15 शाखायें प्रदेश में संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी राष्ट्र को नयी दिशा देनी होती है तो उसकी शुरूआत शिक्षा से होती है और आज दुनिया डिजिटल युग में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मतलब मात्र किताबी ज्ञान नहीं बल्कि संस्कृति मूल्यों की स्थापना है यह हमारी जड़े हैं और जड़ों के आभावा में कोई भी वृक्ष हरा-भरा नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षक मात्र पाठ पढ़ाने वाला नहीं बल्कि भविष्य गढ़ने वाला शिल्पकार है।उन्होंने कहा कि राज्यपाल भवन में जनभवन के नाम से गरीब ,असहाय बच्चों के लिये विद्यालय संचालित किया जा रहा है, हमने उनकी प्रतिभाओं को ना केवल पहचाना है बल्कि मंच भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बघेल जी ने उस विद्यालय के 500 बच्चों के लिये दो जोड़ी ड्रेस की व्यवस्था की है तथा राजभवन की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात लोगों को भी इससे जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने प्रांगण की चार दिवारों से निकलकर गांव-गांव जाएं और वहां के किसान, युवा, महिलाओं तक अपना ज्ञान उन्हें दें। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों के घर, कालेजों, लैब में भी निगरानी रखनी चाहिए कि वह कहीं गलत दिशा में तो नहीं जा रहे हैं और बच्चों का ध्यान रखें उन्हें समझाएं। राज्यपाल महोदया ने कहा कि वर्तमान का परिवेश यह है कि करोड़ों की सम्पत्ति है लेकिन माता-पिता को घर में रखने की क्षमता नहीं है, बहुएं, सास-ससुर के साथ नहीं रहना चाहती हैं यह सब हम शिक्षा से बदल सकते हैं जेलों से नहीं। उन्होंने कहा कि आवश्यक है कि हमारी शिक्षा समावेशी हो, शिक्षा जब समाज के अंतिम बच्चे तक पहुंचती है तो वह परिवर्तन का आधार बन जाती है, जहां शिक्षा होगी वहां नए भारत का उदय होगा। उन्होंने विद्यालय प्रबन्धक से अपील की कि लखनऊ पब्लिक स्कूल में झोपड़ पट्टी के पांच बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाए। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदया द्वारा बच्चों को चॉकलेट व फल का वितरण किया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ व समापन राष्ट्रगान की धुन के साथ हुआ।इस अवसर पर महापौर डॉ उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, कुलपति केपी सिंह, लखनऊ पब्लिक स्कूल के मालिक डॉ एसपी सिंह बघेल, पूर्व एमएलसी/मुख्य प्रशासिका क्रांति सिंह, प्रबन्ध निदेशक सुशील कुमार, महाप्रबंधक शिखर पाल सिंह, जनरल मैनेजर हर्षित सिंह सहित जनपद के गणमान्य नागरिकगण, छात्र, छात्राएं उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे।















































































