जयन्ती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी आयोजित कर सरदार पटेल को दी गई श्रद्धांजलि

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बदायूं।आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय बदायूँ में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य डॉ अंशु सत्यार्थी ने किया तथा संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ राकेश कुमार जायसवाल ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ देवी सरस्वती और सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के द्वारा हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ डॉली ने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारतीय नागरिक सेवाओं आईसीएस का भारतीयकरण कर इन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस नाम दिया।उन्होंने बताया कि 1920 में असहयोग आंदोलन में सरदार ने पूर्ण स्वदेशी के लिए जोर दिया था उन्होंने स्वदेशी वस्त्र खादी, धोती, कुर्ता और चप्पल अपनाया तथा विदेशी कपड़ों की होली जलाते हुए विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया।

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डॉ राकेश कुमार जायसवाल ने कहा कि 1945-1946 में सरदार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे,परन्तु गाँधी जी ने उन्हें न चुनते हुए जवाहर लाल नेहरू को चुना फिर भी उन्होंने गाँधी जी की इच्छा का आदर करते हुए प्रधानमंत्री पद की दौड़ से भी दूर हो गए और नेहरू का समर्थन किया।यह उनकी त्याग करने प्रवृत्ति थी जो उन्हें महान बनाती है।
प्राचार्य डॉ अंशु सत्यार्थी ने कहा कि सरदार पटेल महात्मा गाँधी के कार्यों व आदर्शों से प्रेरित होकर आजादी की लड़ाई के लिए आगे आए और उन्होंने गुजरात में शराब, छुआ-छूत और जातीय भेदभाव जैसी कुरीतियों का जमकर विरोध किया।
डॉ सत्यार्थी ने कहा कि लौहपुरुष कहलाए जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अखंड भारत का निर्माण करने में जो योगदान दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए भी कई प्रयास किए और अंततः सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया।


डॉ संजय कुमार ने कहा कि पटेल स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री बने और गृहमंत्री के रूप में उनकी पहली प्राथमिकता देशी रियासतों को भारत में मिलाना था। विश्व के इतिहास में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं था जिसने अपने राष्ट्र में एकीकरण का मार्गदर्शन किया हो परन्तु पटेल ने यह कार्य बखूबी किया।
इस अवसर पर डॉ बबिता यादव,डॉ सारिका शर्मा,डॉ ज्योति विश्नोई, डॉ प्रेमचंद्र,डॉ सतीश सिंह,वैष्णवी गुप्ता, अलका शँखधार,अंजलि श्रीवास्तव, संजना चौहान,अनुज प्रताप आदि उपस्थित रहे।

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