बिल्सी। नगर के नन्नूमल जैन इंटर कालेज में आज गुरुवार को संचारी रोग नियंत्रण एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरुक करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें प्रधानाचार्य राजेश कुमार गुप्ता समेत अन्य शिक्षकों ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। प्रधानाचार्य कहा कि संचारी रोग हानिकारक सूक्ष्म जीवों (रोगाणुओं) के कारण होता है। रोग कारक जीव का संचरण वायु, जल, भोजन, रोगवाहक कीट और शारीरिक संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में होता है। इसीलिए इन्हें संचरणीय या संक्रामक रोग कहते हैं। हैजा, डिफ्थीरिया, क्षय रोग, टिटेनस, टायफॉइड, न्यूमोनिया आदिे संचारी रोग दूषित भोजन और पानी, वायु, रोगी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क से, विभिन्न प्रकार के कीड़ों आदि से फैलते हैं। संचारी रोग या संक्रामक रोग से बचाव के लिए गंदे पानी का इक्कठा होना सबसे बड़ा कारक बनता है। ऐसे में बरसात के दिनों में छतों, टूटे-फूटे सामानों, पुराने टायर, फ्रिज, कूलर आदि में पानी को इक्कठा नहीं होने देना चाहिए। संचारी रोग या संक्रामक रोग से बचने के लिए लोगों को खुले में शौच करने से रोकना चाहिए, जो कई बीमारी के जन्म का कारण बनती है। संचारी रोग के प्रभाव में कोई भी आ जाता है, तो बगैर देरी के डॉक्टर के पास जरुर जाना चाहिए। इस मौके पर देवेंद्र सिंह राठौर, सुधाकर शर्मा, लवकुमार, विपिन कुमार, प्रेम सिंह, अजय गिरि मौजूद रहे।