बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव पिन्डौल में जनता आदर्श रामलीला क्लब के तत्वावधान में चल रही रामलीला के मंच पर बीती रात धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। राजा जनक का सन्देश गुरु विश्वामित्र को आता कि आप जनकपुरी आकर यज्ञ की शोभा बढायें। विश्वामित्र अपने शिष्यों को लेकर जनकपुरी पहुँच जाते है। दोनो भाई गुरु की पूजा के लिए फूल लेने को भेजते है। उधर सीता भी माँ शक्ति की पूजा करने मन्दिर पहुंचती हैं। एक दूसरे को निहारते हैं। जब भरी सभा में कोई वीर धनुष नही उठा सका तब वीरो के बल पर शंका होती है। तब जनक कहते ऐसा मालूम होता कि पृथ्वी वीरो से खाली है। जनक के इन्ही शब्दो पर लक्ष्मण क्रोधित हो जाते है। विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्री राम धनुष पर चाप चढ़ाकर तोड़ देते है। सीता श्री राम के गले में जयमाला डाल देती हैं। इधर परशुराम जी जनकपुरी पहुँच कर क्रोधित होते हैं। लक्ष्मण चिढ़ाते हैं और अपने भाई की तरफ से क्षमा माँग लेते हैं। परशुराम संवाद को लोगों ने बहुत सराहना की। इस मौके पर सत्यप्रकाश शर्मा, प्रदीप गुप्ता, राजेश गुप्ता, अजय सक्सेना, मनोहरलाल शर्मा, सोवरन सिंह, प्रेमपाल गोला, उदयवीर शाक्य, सत्यप्रकाश कश्यप आदि मौजूद रहे।