सहसवान — जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर रसूले अकरम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की आमद के जश्न से शहर का चप्पा-चप्पा गुलजार हो उठा। मस्जिदों में सजावट की गई है और मोहल्लों में नारे रिसालत या रसूल अल्लाह लिखे हुए परचम लहरा रहे थे । ऐसा लग रहा था मानो नबी के इस्तकबाल के लिए शहर का जर्रा-जर्रा तैयार है। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मंगलवार को जुलूस मुहम्मदी नहीं निकाला गया। मस्जिद और मदरसों मे ही उलेमाओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शान में कसीदे पढ रहे थे। नारे रिसालत की गूंज का हर तरफ समां था। नगर के विभिन्न इलाकों में देर रात तक पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा की याद में पूरी रात मस्जिदों और घरों मे ही ईद मिलादुल नवी का जश्न चलता रहेगा । हजरत मोहम्मद मुस्तफा की विलादत 12 रबी उल अव्वल को सुबह सादिक के वक्त हुई थी। इसलिए मंगलवार की सुबह मस्जिदों में नमाज के समय अकीदतमंदो ने दरूद और सलाम का नजराना पेश किया ,और अपने नबी की विलादत का जश्न मनाया ।जुलूसे मोहम्मदी न निकाले जाने से लोगों मे मायूसी थी सोमवार की शाम को ही मस्जिदों से ऐलान कर दिया गया था कि जुलूस नहीं निकाला जाएगा । सीओ अनिरुद्ध सिंह कोतवाल संजीव शुक्ला ने शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतू सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे । डॉ0 राशिद अली खान ।