बिल्सी। नगर में चल रही रामलीला में बीती रात श्रीराधा-कृष्ण बलराम रासलीला-रामलीला संस्थान वृदावन के कलाकारों द्वारा सुरपनखा की नाक काटने और सीता हरण का मंचन किया। राम सीता को अकेले न छोड़ने का आदेश लक्ष्मण को देकर हिरण पकड़ने चले जाते है। जैसे ही राम का बाण हिरण बने मामा मरीच को लगा तो मरीच ने राम की आवाज में लक्ष्मण और सीता को पुकारा। राम की आवाज सुनकर सीता ने लक्ष्मण को राम की मदद के लिए जाने का आदेश दिया। सीता की आज्ञा सुन लक्ष्मण ने सीता को लक्ष्मण रेखा में सुरक्षित किया और राम की मदद को चल दिए। तभी साधु का रूप धारण कर रावण भोजन लेने सीता की कुटिया के पास आ पहुंचा और सीता से लक्ष्मण रेखा से बाहर आकर भोजन देने को कहा। जैसे ही सीता भोजन देने लक्ष्मण रेखा से बाहर आईं रावण ने सीता का हरण कर लिया। राम ने लक्ष्मण को देख उनसे सीता को अकेले छोड़ आने का कारण पूछा। खतरे को भांप दोनों ने कुटिया की ओर दौड़ लगाई। सीता का अपहरण कर ले जा रहे रावण से जटायु ने सीता को बचाने के लिए युद्ध किया। कुटिया में सीता को न पाकर राम, लक्ष्मण सीता को खोजने के लिए निकल पड़े। मंच पर कलाकारों द्वारा सजाई गई श्रीराम दरबार की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। जहां पर मुख्य अतिथि रहे आचार्य संजीव रुप ने श्रीराम दरबार के झांकी की आरती उतारी। कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा उन्हे प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कमेटी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।