भारतीय किसान यूनियन कैंप कार्यालय संयुक्त मोर्चा की बैठक भारत बंद आंदोलन को रणनीति तय की
बदायूं।भारतीय किसान यूनियन के मंडली नेता राजेश कुमार सक्सेना के कैंप कार्यालय चित्रांश नगर में संयुक्त मोर्चा की बैठक आपातकाल आहूत करके 27 सितंबर के भारत बंद आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति तय की बैठक को मंडली नेता राजेश कुमार सक्सेना ने संबोधित करते हुए कहा किसान बचाओ देश बचाओ छोटा व्यापारी बचाओ छोटे दुकानदार बजाओ यह लड़ाई पूरे देशवासियों की है देश में सारी संपत्तियां पूंजीपतियों के हवाले कर दी गई अब देश आर्थिक गुलाम बन चुका है इस बंदी में सभी दुकानदारों से सभी छोटे व्यापारियों से अपील की गई है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में एक दिवस की बंदी करके ना सिर्फ किसानों को मजबूती प्रदान करेंगे बल्कि इस देश की इस लड़ाई के लिए जो इस वक्त सिर्फ किसान नेता लड़ रहे हैं इसे मजबूती प्रदान होगी और इस देशव्यापी आंदोलन में सभी की आवश्यकता है इस अवसर पर असली किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष केपी राठौर ने भी हिस्सा लिया उन्होंने कहा कल 27 सितंबर के लिए सभी किसान संगठन एक मंच पर एक जगह एक सुर में सिर्फ भारत बंदी को सफल बनाने के लिए हर तरीके से तैयार हैं यह लड़ाई किसानों की नहीं बल्कि प्रत्येक देशवासियों की है देश इस समय बुरे वक्त से गुजर रहा है देश की सारी संपत्तियां बेची जा चुकी हैं देश सिर्फ पूंजीपति और विदेशी कंपनियों के हवाले किया जा चुका है इसलिए कल की लड़ाई जन आंदोलन में तब्दील होगी देश के सभी किसान देशभर में भारत बंद करा कर देशव्यापी आंदोलन को सफल बनाएंगे उन्होंने कहा दोपहर के 1:00 बजे के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधन 5 सूत्री ज्ञापन संयुक्त किसान मोर्चा के पैड पर दिया जाएगा जिसमें सभी संगठन अपने हस्ताक्षर करेंगे इस अवसर पर किसान सभा के कामरेड बृजभान पटेल ने कहा किसानों की लड़ाई देश की लड़ाई है इस लड़ाई के लिए किसान पिछले 10 महाशय लगातार लड़ रहा है इस लड़ाई में 700 से अधिक किसानों की शहादत हो चुकी है और किसान आज भी इस संघर्ष में जता हुआ है किसान नेता ठाकुर भारत सिंह जिले के वरिष्ठ नेता रामा शंकर शंखधार झाझन सिंह अमरपाल सिंह यादव पंडित राम कुमार शर्मा साबिर हुसैन भूरे यादव वीरेंद्र पाली कृष्ण अवतार शाक्य नरेंद्र कुमार सक्सेना सतीश चंद्र साहू हारून गौश अजब सिंह राजपूत अशोक यादव दिलशाद हुसैन समेत दर्जनों नेता चित्रांश नगर कैंप कार्यालय पर एकत्र हुए और भारत बंदी के लिए रणनीति तैयार की अध्यक्षता छाजन सिंह ने की तथा संचालन रामा शंकर शंखधार द्वारा किया गया














































































