सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा के लिए अभी से करें सुनियोजित निवेश
बरेली। सेवानिवृत्ति के बाद जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित और तनावमुक्त बनाए रखने के लिए जरूरी है कि नौकरी के दौरान ही बचत और निवेश की सुनियोजित योजना तैयार कर ली जाए। इसके लिए केवल बचत करना पर्याप्त नहीं, बल्कि अपनी आवश्यकताओं और जोखिम क्षमता के अनुरूप सही वित्तीय साधन का चयन भी जरूरी है। यह बात सेबी स्मार्ट ट्रेनर पंकज श्रीवास्तव ने श्री गुलाबराय मॉन्टेसरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नैनीताल रोड ब्रांच के नमोनारायण सभागार में आयोजित फाइनेंशियल सिक्योरिटी विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही।दो घंटे चले कार्यक्रम में पंकज श्रीवास्तव ने शिक्षकों को सेवानिवृत्ति से पहले और उसके बाद बचत एवं निवेश की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय रहते वित्तीय योजना बनाना आवश्यक है। उन्होंने निवेश के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देते हुए म्यूचुअल फंड, एसआईपी, एफडी और इंश्योरेंस से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल भाषा में समझाया।उन्होंने कहा कि निवेश करते समय केवल रिटर्न पर ध्यान देने के बजाय निवेश की अवधि, जोखिम और भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहिए। कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षकों ने म्यूचुअल फंड, एसआईपी, एफडी, इंश्योरेंस आदि से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने विस्तार से समाधान किया।कार्यक्रम में वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों से बचाव पर भी चर्चा हुई। पंकज श्रीवास्तव ने शिक्षकों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों के प्रति सतर्क करते हुए स्वयं तथा अपने परिवार के सदस्यों को इन खतरों से सुरक्षित रखने के उपाय बताए।पंकज श्रीवास्तव पिछले 25 वर्षों से कॉरपोरेट, सरकारी अधिकारियों और शिक्षकों को वित्तीय प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उनके द्वारा देशभर में 1200 से अधिक सेमिनार एवं वेबिनार आयोजित किए जा चुके हैं और 50 हजार से अधिक प्रोफेशनल्स को वित्तीय नियोजन का प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में वे सीबीएसई स्कूलों तथा उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के वित्तीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जुड़े हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह रावत ने बुके भेंट कर पंकज श्रीवास्तव का स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। मनीष भसीन ने कार्यक्रम का संचालन किया।
















































































