विधवा महिला ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप, बेटे पर मारपीट व संपत्ति हड़पने की साजिश का दावा
बदायूं। थाना सिविल लाइन क्षेत्र के ग्राम दहेमी निवासी विधवा महिला स्नेह लता पत्नी स्वर्गीय दुर्विजय सिंह ने अपने पुत्र शिवकुमार तथा थाना सिविल लाइन पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जनसुनवाई समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश गृह एवं गोपन विभाग के समक्ष शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि उसके पति की मृत्यु के बाद कृषि भूमि उसके और उसके पुत्र शिवकुमार के नाम अंतरित हुई थी, लेकिन पुत्र ने पूरी कृषि भूमि पर कब्जा कर रखा है और उसे उसका हिस्सा नहीं दिया जा रहा है।
स्नेह लता का कहना है कि वह अपने दिवंगत पति के साथ बनवाए गए मकान में रहती थी। आरोप है कि उसका पुत्र उसे घर से निकालकर मानसिक रूप से अस्वस्थ साबित करने और उसकी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। महिला के मुताबिक 6 अप्रैल 2026 को उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया था, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
महिला ने आरोप लगाया कि 6 जून 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे उसके पुत्र ने लोहे की रॉड से उस पर हमला किया। पुलिस ने उसका मेडिकल जिला अस्पताल में कराया, लेकिन मुकदमा दो दिन बाद दर्ज किया गया। महिला के अनुसार 8 जून को मुकदमा अपराध संख्या 210/2026 के तहत धारा 115(2), 351(2) बीएनएस में मामला दर्ज हुआ, लेकिन बाद में पुलिस ने अंतिम आख्या प्रेषित कर दी। उसका आरोप है कि विवेचक सरिता चौधरी को दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद उसकी बात नहीं सुनी गई।
स्नेह लता का आरोप है कि इसके बाद उसके पुत्र ने उसके कमरे में ताला डाल दिया और घर में उसका आना-जाना बंद कर दिया। महिला ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि घर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का रुख उसके शौचालय और बाथरूम की ओर कर रखा गया है तथा उसके निजी फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें गांव के एक व्यक्ति के माध्यम से वायरल किया जा रहा है। महिला का कहना है कि इससे वह बेहद अपमानित और मानसिक तनाव में है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भेजकर पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने, घर का ताला खुलवाने, कृषि भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा कथित आपत्तिजनक वीडियो को हटवाने की मांग की है। उसने पुलिस विवेचना में कथित लापरवाही की भी जांच कराने की मांग की है। स्नेह लता ने कहा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर अपनी शिकायत रखेगी।
















































































