कृषि योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करें अधिकारी, किसानों को निर्धारित अवधि में मिले अनुदान : एडीएम
बदायूँ। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत डब्ल्यूसीडीसी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कृषि एवं जल संरक्षण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं को समिति ने सर्वसम्मति से अनुमोदित किया।
बैठक का संचालन डब्ल्यूसीडीसी के सचिव, परियोजना प्रबंधक एवं भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. नरेंद्र प्रताप ने किया। उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 के अंतर्गत वाटरशेड समितियों द्वारा विभिन्न मदों में पूर्ण कराए गए कार्यों की जानकारी समिति के समक्ष रखी। साथ ही डीपीआर के अनुरूप परियोजना क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है। योजना के तहत कृषि विभाग एवं भूमि संरक्षण अधिकारी को परियोजना क्रियान्वयन विभाग एवं कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है।
बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्षा जल संचयन के लिए खेत तालाब निर्माण, पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना तथा आरएडी योजना के कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित परियोजनाओं को समिति ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार ने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने तथा किसानों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति की उपाध्यक्ष एवं मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला ने खेत तालाब योजना के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों को संतृप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरएडी योजना के अंतर्गत समूह की महिलाओं का चयन करने को भी कहा, ताकि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जा सके।
इसके बाद उप कृषि निदेशक कार्यालय द्वारा संचालित नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी योजना (आत्मा) के अंतर्गत गवर्निंग बोर्ड की बैठक भी अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजड्यू, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन, मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम, प्राकृतिक खेती तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयलसीड) योजनाओं के अंतर्गत गत वर्ष कराए गए कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष कार्यों की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने अधिकारियों को सभी लक्ष्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषकों को देय अनुदान की धनराशि निर्धारित समयावधि में उनके बैंक खातों में स्थानांतरित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही सहयोगी विभागों को आत्मा योजना के तहत आवंटित लक्ष्यों को भी समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख उझानी, उप कृषि निदेशक, उपायुक्त स्वतः रोजगार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, प्रभारी अधिकारी कृषि विज्ञान केंद्र, अधिशासी अभियंता नलकूप, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, सहायक निदेशक मत्स्य, नामित सदस्य जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति राजपाल सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
















































































