बरेली स्मार्ट सिटी का बुरा हाल: बारिश ने खोली जलनिकासी की पोल, कहीं चार फीट पानी तो कहीं टूटी सड़कें
बरेली। स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर को चमकाने के दावे भले ही किए जा रहे हों, लेकिन सोमवार को हुई लगातार बारिश ने बरेली की जमीनी हकीकत सामने ला दी। तड़के करीब तीन बजे से शुरू हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कहीं सड़कों पर कमर तक पानी भर गया तो कहीं घरों के अंदर तीन से चार फीट तक पानी पहुंच गया। जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा, जबकि स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। कई स्थानों पर लोग घंटों जलभराव के बीच फंसे रहे।
रेजिडेंसी गार्डन में 180 मकान जलमग्न, पलायन को मजबूर परिवार
लगातार बारिश का सबसे गंभीर असर बारादरी थाना क्षेत्र स्थित रेजिडेंसी गार्डन में देखने को मिला। यहां देर रात से शुरू हुआ जलभराव सुबह तक इतना बढ़ गया कि करीब 180 मकानों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया।
घर में पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान और जरूरी वस्तुएं पानी में डूब गईं। हालात बिगड़ने पर कई परिवार अपने घरों में ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए। कई लोग घरों की छतों पर खड़े होकर मदद की गुहार लगाते नजर आए।
नगर निगम की टीम ने कॉलोनी से पानी निकालने के लिए प्रयास शुरू किए, लेकिन लगातार बारिश के चलते राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना रहा। निगम की ओर से दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर जलभराव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। रेस्क्यू के दौरान कई परिवार जरूरी सामान लेकर कॉलोनी से बाहर निकलते दिखाई दिए।
‘हर बारिश में यही हाल’, लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगी
ग्राउंड जीरो पर जलभराव से परेशान लोगों में नगर निगम की व्यवस्था को लेकर नाराजगी साफ नजर आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही कॉलोनी जलमग्न हो जाती है। इस बार रातभर हुई तेज बारिश ने स्थिति को और गंभीर कर दिया।
लोगों का कहना है कि घरों में पानी घुसने से उनका सामान बर्बाद हो गया और अब उन्हें मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। लोगों ने जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
वार्ड 30 की रजा कॉलोनी में टूटी सड़कें और चोक नालियां बनी मुसीबत
उधर, स्मार्ट सिटी के वार्ड संख्या 30 स्थित रजा कॉलोनी में भी बारिश के बाद हालात बदतर हो गए। यहां टूटी सड़कें, बदहाल नालियां और जलभराव ने स्थानीय लोगों का जीवन नारकीय बना दिया है। बारिश के बाद नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया।
स्थानीय निवासी मोनू खान ने बताया कि जलभराव के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना और दरवाजे पर बैठना तक मुश्किल हो गया है। लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बच्चे स्कूल जाने में और बुजुर्ग आवाजाही में सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी का हिस्सा होने के बावजूद क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और लंबे समय से सड़क तथा जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
विकास का इंतजार कर रहे क्षेत्रवासी
मोनू खान सहित अन्य क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ इस बात का इंतजार है कि आखिर उनके इलाके में विकास का पहिया कब घूमेगा। लोगों ने नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत, नालियों की सफाई और जलनिकासी की उचित व्यवस्था तत्काल कराने की मांग की है।
पम्मी खां वारसी ने की सर्वे और स्थायी समाधान की मांग
जनसेवा टीम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी पम्मी खां वारसी ने नगर निगम प्रशासन से क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क, नालियों और जलभराव की निकासी के रास्तों को दुरुस्त कराया जाना जरूरी है, ताकि रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार बनी इस समस्या से राहत मिल सके।
बारिश के बाद बरेली के अलग-अलग इलाकों में सामने आए जलभराव के हालात ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था और स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब कुछ घंटों की बारिश में सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न हो जाते हैं, तो शहर की जलनिकासी व्यवस्था आखिर कितनी तैयार है?
















































































