बरेली। कन्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति ने प्रेस वार्ता के दौरान पंकज पाठक , सोनू ठाकुर ने कहा कि नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला में गो माता की हत्या , गोवंश की कथित बदहाल स्थिति, अव्यवस्थाओं और पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोपों को लेकर गौ सेवकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने आवाज बुलंद की है। इस मुद्दे को लेकर कान्हा उपवन संघर्ष समिति का गठन किया गया है, जिसमें शहर के गौ सेवकों और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति का कहना है कि गौशाला में निरीक्षण और सेवा कार्य के दौरान चारा, पानी, उपचार और रखरखाव संबंधी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उनका आरोप है कि गोवंश के संरक्षण और देखभाल के लिए उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों का पूरा लाभ पशुओं तक नहीं पहुंच रहा है। समिति ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। समिति ने नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। साथ ही उनके पूर्व तैनाती स्थल मेरठ स्थित कान्हा उपवन गौशाला से जुड़े मामलों की एफआईआर, जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई के अभिलेखों को भी जांच में शामिल करने की मांग की गई है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि गौशाला में गोवंश की मौत, चारा आपूर्ति, चिकित्सा व्यवस्था, स्टॉक और भुगतान रजिस्टर सहित सभी अभिलेखों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। समिति ने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि तय अवधि में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और हिंदू संगठन लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत तरीके से आंदोलन शुरू करेंगे। समिति ने स्पष्ट किया कि उनका अभियान किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि गोवंश के संरक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए है।