बरेली। खुसरो कॉलेज से डी.फार्मा की फर्जी मार्कशीट मिलने के मामले में शनिवार को पीड़ित छात्रों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की संपत्ति जब्त करने, अपने लाखों रुपये वापस दिलाने और मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2020 में खुसरो कॉलेज में दो वर्षीय डी.फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। कोर्स पूरा होने के बाद कॉलेज ने उन्हें मार्कशीट जारी की। जब छात्र फार्मेसी काउंसिल (PCI), लखनऊ में पंजीकरण कराने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कॉलेज द्वारा दी गई मार्कशीट फर्जी थीं। ज्ञापन में छात्रों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर कॉलेज के एमडी शेर अली जाफरी ने उन्हें धमकाया। इसके बाद उन्होंने सीबीगंज थाना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। छात्रों का दावा है कि पुलिस जांच में मार्कशीट फर्जी पाए जाने के बाद शेर अली जाफरी, उनके पुत्र फिरोज अली जाफरी तथा अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और उन्हें जेल भेजा गया। बाद में उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। छात्रों का कहना है कि वर्ष 2025 में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के अनुसार शेर अली जाफरी की कई संपत्तियां जब्ती के लिए चिन्हित की गई थीं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चिन्हित संपत्तियों में से एक कॉलेज को बेच भी दिया गया, फिर भी प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। छात्रों को धमकी मिल रही है तुमने कार्रवाही की तो छेड़छाड़ बलात्कार के मामले तुम्हे जेल भेज दिया जाएगा । पीड़ित छात्रों ने मोहम्मद इमरान, रामजीत यादव, दीपक गंगवार, महेश राठौर, दीपक कुमार, मोहम्मद सोहेल और धर्मेंद्र मौर्य ने जिलाधिकारी से मांग की कि आरोपियों की संपत्ति जल्द जब्त कर उन्हें न्याय दिलाया जाए और उनकी फीस व अन्य धनराशि वापस कराई जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।