बदायूं। उत्तर प्रदेश गौ रक्षा सेवा आयोग के उपाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा बुधवार को बदायूं पहुंचे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता कर गौवंश के संरक्षण और उनकी दशा सुधारने को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गौवंश के मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि गाय राजनीति का विषय नहीं, बल्कि आस्था का विषय है। रमाकांत मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गौवंश को कथित रूप से कत्लखानों में भेजा जाता था, लेकिन अब प्रदेश में गौ हत्या बंद है। सरकार गौवंश के संरक्षण को लेकर गंभीर है और उनकी स्थिति में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवारा गौवंश को गौशालाओं में संरक्षित किया जा रहा है। लोगों को भी गौ सेवा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिए सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। सड़कों पर घूमने वाले नंदियों के संरक्षण के लिए सरकार नंदीशालाएं खोलने की तैयारी कर रही है। इनमें अच्छी नस्ल के नंदियों को संरक्षित किया जाएगा। गौ रक्षकों पर फर्जी मुकदमों की शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन गौ रक्षकों पर दर्ज किए जा रहे कथित फर्जी मुकदमों के सवाल पर आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि बदायूं से जुड़ा एक प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कहीं भी गौ रक्षकों के खिलाफ इस प्रकार का मामला सामने आता है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौ सेवा यात्रा को लेकर संत से राजनीति से दूर रहने की अपील जगद्गुरु अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की गौ सेवा यात्रा के संबंध में पूछे गए सवाल पर रमाकांत मिश्रा ने कहा कि संत के रूप में उनका सम्मान है। उन्होंने कहा कि संतों को इस प्रकार की राजनीति से दूर रहना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर सरकार की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही।