बदायूँ: 02 सितम्बर। जिला उद्यान अधिकारी राम नरायन वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के आलू उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और बाजार भाव में गिरावट से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना 2026-27 शुरू की गयी है। उद्यान विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। योजना का उद्देश्य बाजार भाव में गिरावट की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना और आलू के मूल्य का स्थरीकरण करना है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए केवल कृषक आई.डी. धारक और एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकृत आलू उत्पादक किसान ही आवेदन कर सकेंगे। यह लाभ प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 कुंतल उत्पादन तक ही सीमित होगा। इसी प्रकार कोल्ड स्टोरेज भाड़ा सहायता में निजी शीतगृहों में आलू भण्डारित करने वाले जनपद के किसानों को 100 रूपये प्रति कुंतल की दर से भण्डारण शुल्क अनुदान दिया जायेगा। इसके तहत एक किसान को अधिकतम रूपये 20000/- तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी। योजना के तहत मिलने वाली सभी अनुदान और सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इच्छुक आलू उत्पादक किसान योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज में फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पासबुक/चेक बुक की छायाप्रति जिस पर नाम, खाता संख्या, आईएफएससी कोड स्पष्ट हो, खसरा-खतौनी जिसमें रोपित आलू का क्षेत्रफल अंकित हो, के साथ उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के आधिकारित ऑनलाइन पोर्टल https://potato.uphorticulture.in पर जाकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।