वाद-विवाद प्रतियोगिता में एच.पी. इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने तर्क, आत्मविश्वास और वाक्पटुता से बांधा समां
बदायूं। एच.पी. इंटरनेशनल स्कूल बदायूं के ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने तार्किक विचारों, आत्मविश्वास और प्रभावशाली वाक्पटुता से सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न समसामयिक एवं जीवन से जुड़े विषयों पर अपने विचार पक्ष और विपक्ष में दमदार तरीके से प्रस्तुत किए। प्रथम चरण में “क्या अच्छे संस्कार सफलता से अधिक महत्वपूर्ण हैं?” विषय पर प्रतिभागियों ने मानवीय मूल्यों, संस्कारों और जीवन में सफलता के बीच संबंध एवं संतुलन पर अपने विचार रखे। इसके बाद दूसरे चरण में “क्या योग्यता का आधार केवल अंक होने चाहिए?” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विद्यार्थियों के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। प्रतिभागियों ने अपने तर्कों को तथ्यों और विचारों के साथ प्रस्तुत करते हुए अपनी तार्किक क्षमता, विषय की समझ और विचारों की स्पष्टता का परिचय दिया। रोमांचक मुकाबले के बाद आर्यभट्ट हाउस की छात्राओं अर्शी पचौरी और प्रियांशी यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी, जबकि सरस्वती हाउस की टीम रनर-अप रही। रनर-अप टीम में छात्र ऐश्वर्य कुमार और छात्रा आरना साहू शामिल रहे। प्रतियोगिता के अवसर पर विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर शिवम पटेल ने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक सोच तथा अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। डायरेक्टर सेजल पटेल ने कहा कि आज के युवाओं का विभिन्न विषयों पर गहराई से विचार करना और अपनी बात को गरिमा एवं आत्मविश्वास के साथ रखना यह दर्शाता है कि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हो रहे हैं। प्रधानाचार्य सुनील साहनी ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सच्ची जीत केवल मंच पर मिलने वाले पुरस्कार में नहीं, बल्कि अपने विचारों को निडरता और आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करने में है। उप प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वाद-विवाद केवल बोलने की कला नहीं, बल्कि ध्यानपूर्वक सुनने और दूसरे के दृष्टिकोण को समझने की कला भी है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए विजेता एवं रनर-अप टीम को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और विचारों को मंच पर प्रभावी ढंग से रखने का अवसर देने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता, विषय की समझ और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत किया।















































































