उझानी-कादरचौक मार्ग पर रेलवे फाटक पार करते ही शुक्रवार को एक बार फिर लंबा जाम लग गया। अपने वाहन जल्दी तौल कराने की होड़ में चालकों ने ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली बेतरतीब खड़ी कर दीं। नतीजा यह हुआ कि फाटक से निकलते ही सड़क पूरी तरह जाम हो गई।भीषण गर्मी के बीच लगे इस जाम में स्कूली बसों के साथ एक एंबुलेंस भी फंस गई। बसों में बैठे छोटे-छोटे बच्चे पसीने से तर-बतर होकर व्याकुल नजर आए। पैदल निकलने वालों का हाल भी बुरा था। फुटपाथ न होने के कारण लोगों को गाड़ियों के बीच से निकलना पड़ा।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। पिछले साल भी इसी जगह लगे जाम में कांवड़ियों की टोली फंस गई थी और हालात बिगड़ गए थे।बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम न लगे इसके लिए प्रशासन मुस्तैद रहता है, लेकिन कादरचौक मार्ग पर किसी का ध्यान नहीं है। सावन शुरू होते ही बड़ी संख्या में शिवभक्त बुर्रा फरीदपुर के ऐतिहासिक शिव मंदिर और पटना देवकली मंदिर में जलाभिषेक के लिए इसी सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसी दिन बड़ा बखेड़ा खड़ा हो सकता है।मुसीबत यहीं खत्म नहीं होती। नगर पालिका का सड़क किनारे बहने वाला खुला नाला कचरे से पटा पड़ा है। एक तरफ वाहन खड़े होने की वजह से राहगीरों को नाले के किनारे-किनारे निकलना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर सावन में किसी कांवड़िए का पैर फिसलकर कांवड़ सहित इस गंदे नाले में गिर गया तो हालात बेकाबू हो जाएंगे और फिर प्रशासन के लिए संभालना मुश्किल होगा।आमजन और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे फाटक के पास नो-पार्किंग जोन बनाया जाए, तौल के लिए अलग लाइन की व्यवस्था हो और नाले की सफाई व कवरिंग तुरंत कराई जाए। साथ ही सावन से पहले कादरचौक मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि जाम की नौबत ही न आए।अगर अभी भी ध्यान नहीं दिया गया तो गर्मी का जाम सावन में आस्था से टकराकर बड़ा विवाद बन सकता है।