बदायूं रोडवेज बस में 11 यात्री बेटिकट मिलने पर महिला कंडक्टर औऱ ड्राइवर को बर्खास्त किया गया
बदायूं। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के बदायूं डिपो में बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) राजेश पाठक द्वारा की गई औचक जांच में 11 यात्री बिना टिकट यात्रा करते मिले। जांच में प्रथम दृष्टया परिचालक द्वारा यात्रियों से किराया वसूलकर टिकट जारी नही करने और रकम अपनी जेब में रखने का मामला सामने आने पर चालक और महिला परिचालक दोनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
बदायूं डिपो की रोडवेज बस शाहजहांपुर के परौर से आनंद विहार (दिल्ली) जा रही थी। इसी दौरान एआरएम राजेश पाठक ने बस को रोककर यात्रियों के टिकटों की जांच की। जांच में बस में कुल 20 यात्री सफर करते मिले, जिनमें से केवल आठ यात्रियों के पास वैध टिकट थे, जबकि एक यात्री विकलांग श्रेणी का था। शेष 11 यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे थे।
जांच के दौरान महिला परिचालक से बिना टिकट यात्रियों के संबंध में जवाब मांगा गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकी। अधिकारियों के अनुसार यात्रियों से किराया तो वसूल लिया गया था, लेकिन उन्हें टिकट जारी नहीं किए गए थे। आरोप है कि वसूला गया किराया परिचालक ने अपने पास ही रख लिया।परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार संबंधित महिला परिचालक के खिलाफ पहले भी कई बार टिकट जारी न करने और यात्रियों से अनुचित व्यवहार करने की शिकायतें मिल चुकी थीं। इन शिकायतों के आधार पर विभाग काफी समय से निगरानी कर रहा था। लगातार घेराबंदी और निगरानी के बाद 15 जुलाई को जांच के दौरान उसे बिना टिकट यात्रियों को ले जाते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।राजेश पाठक ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और विभागीय अनुशासनहीनता मानते हुए चालक और महिला परिचालक दोनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की कार्रवाई की। विभाग का मानना है कि चालक भी इस अनियमितता के लिए समान रूप से जिम्मेदार था।इस कार्रवाई के बाद बदायूं डिपो सहित आसपास के रोडवेज कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने और राजस्व की हानि पहुंचाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, इस कार्रवाई के बाद चालक-परिचालकों में बिना टिकट यात्रियों को बसों में बैठाने को लेकर भय का माहौल देखा जा रहा है।















































































