बदायूँ के याकूब हसन पर धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज, कही नया नटवरलाल तो बनने नही जा रहा ?
बदायूं। जनपद में एक ही व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज हुए दो अलग-अलग आपराधिक मामलों ने जिले में चर्चा का विषय बना दिया है। एक ओर करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की पुश्तैनी संपत्ति के कथित फर्जी बैनामे और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर एक फर्म से पांच लाख रुपये के कथित गबन का आरोप भी लगाया गया है। दोनों मामलों में याकूब हसन का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पहला मामला शहर के फरशोरी टोला स्थित लगभग 400 वर्ग गज की विवादित पुश्तैनी संपत्ति से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नाजरीन पत्नी यूसुफ हसन का आरोप है कि उनके पति यूसुफ हसन मानसिक रूप से कमजोर हैं, जिसका लाभ उठाकर उनके सगे भाई याकूब हसन ने कथित रूप से धोखाधड़ी की। आरोप है कि याकूब हसन ने विवादित संपत्ति का फर्जी बैनामा कराने के लिए न केवल दस्तावेज तैयार कराए, बल्कि न्यायालय में लंबित सिविल वाद के बावजूद निबंधन विभाग को यह दर्शाया कि संपत्ति किसी प्रकार के विवाद में नहीं है।
शिकायत के अनुसार संबंधित संपत्ति का सिविल वाद वर्षों से न्यायालय में लंबित था और यूसुफ हसन भी उस मुकदमे में पक्षकार थे। इसके बावजूद कथित रूप से संपत्ति को प्लॉट के रूप में दर्शाकर बैनामा कराया गया। आरोप यह भी है कि परिवार के अन्य हिस्सेदारों की सहमति के बिना पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया और बाद में उसी बैनामे के आधार पर संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।वादी पक्ष का कहना है कि याकूब हसन का संपत्ति में केवल एक-छठा (1/6) हिस्सा था, जबकि शेष संपत्ति अन्य भाई-बहनों की थी। इसके बावजूद पूरी संपत्ति पर अधिकार जताने और उसे हड़पने की कोशिश की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि न्यायालय को गुमराह कर गलत तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कराने का प्रयास किया गया।
नाजरीन ने अपने प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उन्हें और उनके पति को लगातार जान से मारने की धमकियां दी गईं तथा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने पहले थाना कोतवाली पुलिस और बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर अंततः न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
उधर, याकूब हसन के विरुद्ध दूसरा मामला एक फर्म से जुड़ा हुआ है। 5 लाख के गबन का मामला दर्ज हुआ है।दोनों मामलों में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवेचना के दौरान दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, बैनामा अभिलेख, सिविल वाद से संबंधित रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।















































































