बदायूँ में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयघोषों से गूंजीं शहर की सड़कें
बदायूँ। भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा आज शाम खराब मौसम के बावजूद पूरे धार्मिक वैभव, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी और पूरा शहर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के जयघोष से गूंज उठा। विरुआबाड़ी मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा में आकर्षक धार्मिक झांकियां, बैंड-बाजे, भजन-कीर्तन मंडलियां तथा सुसज्जित रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं, व्यापारिक संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं ने भगवान श्री जगन्नाथ की आरती उतारकर उनका स्वागत किया तथा पुष्पवर्षा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।रथ यात्रा का शुभारंभ विरुआबाड़ी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना तथा महाआरती के साथ हुआ। आरती के बाद जैसे ही सुसज्जित रथ आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं ने “जय जगन्नाथ” के उद्घोष के साथ भगवान का रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। मंदिर परिसर से लेकर यात्रा मार्ग तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों में भगवान के दर्शन करने की विशेष उत्सुकता दिखाई दी।यात्रा में शामिल आकर्षक धार्मिक झांकियां सनातन संस्कृति और भारतीय परंपरा का अद्भुत संदेश दे रही थीं। बैंड-बाजों की मधुर धुनों और भजन-कीर्तन की स्वर लहरियों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ भगवान के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल रहे। अनेक श्रद्धालु नृत्य करते हुए भगवान की भक्ति में लीन दिखाई दिए, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।विरुआबाड़ी मंदिर से आगे बढ़ने के बाद यात्रा उद्योगपति एवं समाजसेवी मुकेश रस्तोगी के आवास के सामने पहुंची, जहां शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने भगवान श्री जगन्नाथ की विधिवत आरती उतारी।

श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। यहां भगवान के स्वागत में पुष्पवर्षा की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।इसके बाद यात्रा टिकतगंज पहुंची, जहां स्थानीय श्रद्धालुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भगवान श्री जगन्नाथ का भव्य स्वागत किया। पूरे मार्ग पर श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान के दर्शन करते रहे। अनेक स्थानों पर घरों की छतों और बालकनियों से महिलाओं एवं बच्चों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने यात्रा को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत प्रतीक बताया।रथ यात्रा जब शास्त्री चौक पहुंची तो वहां सराफा व्यापारियों, विभिन्न व्यापारिक संगठनों तथा अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों ने भगवान श्री जगन्नाथ की सामूहिक आरती उतारी। पूरे क्षेत्र में “जय जगन्नाथ” के उद्घोष गूंजते रहे। व्यापारियों ने भगवान से शहर की सुख-समृद्धि, खुशहाली और विकास की कामना करते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इस दौरान श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई और प्रसाद का वितरण भी किया गया।यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शीतल पेय एवं प्रसाद की व्यवस्था की थी। कई स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए, जहां स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।भगवान श्री जगन्नाथ की इस भव्य रथ यात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का भी माध्यम बनते हैं। यात्रा में सभी वर्गों और सभी आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि बदायूँ की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी पूरी जीवंतता के साथ आगे बढ़ रही हैं।देर शाम तक शहर की सड़कें भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के रंग में रंगी रहीं। भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार उमड़ती रही। जगह-जगह आरती, पुष्पवर्षा और जयघोषों के बीच निकली इस भव्य रथ यात्रा ने पूरे शहर को आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया। आयोजन के सफल संपन्न होने पर श्रद्धालुओं और समिति के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगी संस्थाओं, प्रशासन, पुलिस, व्यापारिक संगठनों तथा शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।















































































