बदायूँ के मुख्य डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप,घण्टो चली सघन तलाशी,सतर्कता बढाई गई
बदायूं। जनपद के मुख्य डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से आज पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। मुख्य डाकघर के आधिकारिक ईमेल पर धमकी भरा संदेश प्राप्त होने के बाद तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय को दी गई। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, सिविल लाइन थाना पुलिस,आईबी, स्थानीय अभिसूचना इकाई तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
मुख्य डाकघर बदायूं शहर के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। इसके निकट ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा सिविल लाइन थाना भी मौजूद है। ऐसे में धमकी भरा ईमेल मिलने की सूचना ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य डाकघर परिसर के प्रत्येक हिस्से, कार्यालय कक्षों, डाक वितरण क्षेत्र, पार्किंग, भवन के आसपास और अन्य संभावित स्थानों की बारीकी से जांच की गई।बम निरोधक दस्ते ने अपने अत्याधुनिक उपकरणों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरे परिसर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रत्येक संदिग्ध स्थान की गहन पड़ताल की गई, ताकि किसी भी प्रकार के संभावित खतरे को समय रहते समाप्त किया जा सके। कई घंटे तक चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनाए रखी। स्थानीय अभिसूचना इकाई के एफएच खान,अनिल आदि अधिकारी, कर्मचारी भी मौजूद रहे और काफी देर तक सघन चैकिंग अभियान चलाया।
लंबी जांच-पड़ताल के बाद राहत की बात यह रही कि मुख्य डाकघर परिसर से कोई भी विस्फोटक सामग्री अथवा संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं की जांच पूरी करने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित किया। इसके बाद कर्मचारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली।गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी बदायूं जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। उस मामले में भी बम निरोधक दस्ता, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने न्यायालय परिसर में घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि उस दौरान भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी और मामला केवल धमकी भरे ईमेल तक ही सीमित रहा।लगातार दूसरे दिन जिले के महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को निशाना बनाकर भेजे गए धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों ईमेल किसी एक ही व्यक्ति या गिरोह द्वारा भेजे गए हैं अथवा अलग-अलग स्रोतों से भेजे गए हैं। साइबर विशेषज्ञों की सहायता से ईमेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। भले ही जांच में अब तक कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली हो, लेकिन प्रत्येक सूचना पर पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के पक्ष में नहीं हैं और हर सूचना का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर सत्यापन कराया जा रहा है।लगातार मिल रहे धमकी भरे ईमेल प्रशासन और साइबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। यदि जल्द ही ईमेल भेजने वाले की पहचान नहीं हो पाती है, तो भविष्य में भी इस प्रकार की अफवाहों और धमकियों से सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। इसी कारण पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ अन्य संभावित पहलुओं पर भी गंभीरता से काम कर रही है।फिलहाल मुख्य डाकघर सहित आसपास के संवेदनशील सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान कर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















































































