फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की नृशंस हत्या में दोषी बदायूँ के विराज पाठक को फांसी की सजा,01 माह 10 दिन में आया फैसला
फिरोजाबाद/बदायूँ। फिरोजाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की निर्मम हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने दोषी विराज पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। घटना के मात्र एक माह दस दिन के भीतर आए इस फैसले को लेकर मृतक बच्चे के पिता सुमित शर्मा ने संतोष व्यक्त किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि जब तक दोषी को फांसी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें पूर्ण न्याय का एहसास नहीं होगा।
सुमित शर्मा ने मामले में एक नया आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को उनकी पत्नी रति और सास पिंकी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उनका कहना है कि आरोपी विराज पाठक बदायूँ जिले के शेखूपुर का निवासी था और उनका कोई रिश्तेदार नहीं था। ऐसे में वह इतनी दूर फिरोजाबाद क्यों गया और उसने इस जघन्य वारदात को किन परिस्थितियों में अंजाम दिया, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।गौरतलब है कि 30 मई को फिरोजाबाद में विराज पाठक ने डेढ़ साल के मासूम आरव को कई बार जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी थी। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था।मृतक बच्चे के पिता सुमित शर्मा, जो बदायूँ में मंडी समिति के पास रहते हैं, ने बताया कि घटना के समय वह बदायूँ में थे। उन्हें फोन पर बच्चे के एक्सीडेंट की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में जब सीसीटीवी फुटेज सामने आई तो उन्हें पता चला कि उनके मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है।सुमित शर्मा का कहना है कि उनके बेटे आरव को गायों के साथ खेलना बेहद पसंद था। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा दोषी को फांसी की सजा सुनाए जाने से उन्हें संतोष मिला है, लेकिन पुलिस को इस मामले के हर पहलू की जांच करनी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो उनकी पत्नी और सास की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि इस एंगल की भी गंभीरता से जांच की जाए, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक साजिश का खुलासा हो सके।















































































