बरेली। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा तथा आगामी उर्स-ए-आला हजरत को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य की अध्यक्षता में पंडित राधेश्याम कथावाचक स्मृति भवन में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।बैठक में नागरिकों ने कांवड़ मार्गों पर लटकते बिजली के तार, सड़कों के गड्ढे, जलभराव, ट्रांसफार्मरों की स्थिति और सफाई जैसी समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी मार्गों को दुरुस्त किया जाए, लटकते विद्युत तारों को ठीक कराया जाए, आवश्यकतानुसार ट्रांसफार्मर हटाए जाएं तथा नालों की सफाई कर जलभराव की समस्या समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी और कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।जिलाधिकारी ने बताया कि 3, 10, 17 और 24 अगस्त को श्रावण मास के सोमवार तथा 7 से 9 अगस्त तक उर्स-ए-आला हजरत का आयोजन होगा। दोनों आयोजनों के दौरान सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि डीजे व झांकियों की कुल ऊंचाई वाहन सहित 12 फीट से अधिक नहीं होगी और किसी भी गैर-परंपरागत आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने डीजे पर अभद्र या धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले गीतों पर रोक लगाने, अफवाहों से बचने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं साझा न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कांवड़ जत्थे के लिए पुलिस नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे तथा मार्गों, शिविरों और मंदिरों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही शिविरों में फायर सेफ्टी, सीसीटीवी, महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग शौचालय और स्वयंसेवकों के पहचान पत्र अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।