कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा मानकों पर जागरूकता बैठक, बीडीए को सौंपा ज्ञापन
बरेली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल के तत्वावधान में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा तथा सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन को लेकर एक जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत मंडल के पदाधिकारियों ने बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसे बीडीए की सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने प्राप्त किया।
ज्ञापन में मांग की गई कि जनपद के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की जाए, जागरूकता बैठकें आयोजित कराई जाएं तथा संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर नियमों के अनुपालन की समीक्षा की जाए।ज्ञापन में भवन सुरक्षा, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, फायर ड्रिल, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कई छोटे एवं मध्यम स्तर के कोचिंग संस्थान नियमों की जानकारी के अभाव और अनावश्यक भय की स्थिति का सामना कर रहे हैं। यदि प्रशासन स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर जागरूकता अभियान चलाए, तो विभाग और संस्थान संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे संचालक समयबद्ध तरीके से सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर सकेंगे और विद्यार्थियों को अधिक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।मंडल के अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य किसी भी कोचिंग संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक कर छात्र-हित में सुरक्षित एवं उत्तरदायी शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
बैठक के अंत में संबंधित विभागों से जनहित एवं छात्र-हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। बीडीए सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने संयुक्त सचिव के साथ ज्ञापन के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर गौरव सक्सेना अध्यक्ष , दिलीप खुराना, पुनीत अनेजा, अमित कंचन, शिवम सक्सेना, रौनक जॉली, अंकित खंडूजा, चेतन गुजराल, केतन अरोड़ा, अवधेश कुमार त्रिवेदी, राहुल वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।















































































