बदायूं दूसरे दिन भी बारिश में डूबा: झमाझम बारिश से सड़कें बनीं दरिया, घर-दुकानों में घुसा पानी
बदायूं। मानसून की लगातार बारिश ने बदायूं शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। जनपद में लगातार दूसरे दिन हुई झमाझम बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया। गुरुवार दोपहर करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों को जलमग्न कर दिया। जगह-जगह जलभराव होने से आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि दुकानों और मकानों में बारिश का पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद शहर का लावेला चौक, छः सड़क, गांधी ग्राउंड, बाबूराम मार्केट, कचहरी रोड, रोडवेज सहित कई प्रमुख इलाके तालाब में तब्दील हो गए। मुख्य मार्गों पर घुटनों तक पानी भर जाने से वाहनों की रफ्तार थम गई और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि पैदल चलने वाले लोग भी जलभराव के बीच जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर दिखाई दिए।स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि समय पर नालों की सफाई नहीं कराई गई। नालों में गाद और कूड़ा जमा होने के कारण बारिश का पानी निकासी नहीं पा सका और पूरी सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के नाम पर केवल दावे किए जाते हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को भी सुबह करीब सात बजे से 11 बजे तक लगातार चार घंटे हुई बारिश से पूरा जनपद प्रभावित रहा था। उसके बाद गुरुवार को दोबारा हुई तेज बारिश ने पहले से बने जलभराव को और गंभीर बना दिया। कई मोहल्लों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया, जिससे लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। व्यापारियों को भी दुकानों में पानी भरने से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।बारिश का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। शहर में आयोजित सीटीईटी परीक्षा के लिए 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन लगातार बारिश और जलभराव के कारण बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई अभ्यर्थी भीगते हुए और जलभराव से गुजरकर परीक्षा केंद्र पहुंचे, जबकि कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने से समय पर पहुंचने की चिंता बनी रही।लगातार हो रही बारिश से शहर में आवागमन भी प्रभावित रहा। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लगा। बारिश के कारण बाजारों में भीड़ कम रही और अधिकांश लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकले।मौसम विभाग ने भी अगले तीन दिनों तक जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की सलाह दी है। वहीं प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार दूसरे दिन हुई बारिश ने एक बार फिर नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था की गई होती तो इतनी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती। फिलहाल पूरे शहर की निगाहें प्रशासन और नगर पालिका पर टिकी हैं कि जलभराव से लोगों को राहत दिलाने के लिए कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जाती है।















































































