बदायूँ में 50 हजार का इनामी बदमाश पुलिस एनकाउंटर में ढेर,पुलिस डरी-सहमी क्यो?कोई अनसुलझा सवाल तो नहीं?
बदायूं। जिले में बुधवार रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ डालू मारा गया। मुठभेड़ के दौरान शेखूपुर पुलिस चौकी प्रभारी नीरज कुमार और सिपाही अविनाश भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों के बाएं हाथ में गोली छूकर निकल गई।बदमाश जितेंद्र उर्फ डालु बाइक पर अकेला था। बदायूँ बिल्सी मार्ग पर प्रस्तावित नई जेल के पास सिविल लाइन पुलिस रूटीन चेकिंग कर रही थी। यह मुलजिम था इस्लामनगर थाने का। सिविल लाइन पुलिस को देखते ही भागा, बाइक सहित गिर गया। पुलिस पर दो गोली चलाई, दोनो गोली दरोगा व सिपाही के हाथ को रगड़ते हुए निकल गई। पुलिस ने सीधे जितेंद्र का जिस तरफ दिल था वायी ओर ऐसी सटीक गोली मारी की वह उसके दिल मे घुस गई और वह भी इतना जीवट की 20-25 मिनट तक सांस चलती रही। अब यहां सवाल यह उठता है कि पैर में गोली मारने वाली पुलिस पहले से इस बदमाश को भली भांति जानती थी इसलिए सीधे जितेंद्र के सीने में वायी ओर गोली दाग दी,पुलिस को पता था वायी ओर दिल होता या फिर पुलिस का निशाना चूक गया मारी पैर में गोली लग गई सीने में गोली,कोई न कोई बात तो है तभी गुडवर्क करने के बाद भी अस्पताल में कल रात पुलिस डरी औऱ सहमी हुई थी, मीडिया से सब कुछ छिपाने का प्रयास कर रही थी।घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है। वहीं बदमाश जितेंद्र को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बदायूं-बिजनौर हाईवे पर शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर हुई। बुधवार रात जिलेभर में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बाइक सवार एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया। युवक भागने लगा और पीछा किए जाने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान संभल निवासी जितेंद्र उर्फ डालू के रूप में हुई, जो 19 मई को इस्लामनगर थाना क्षेत्र के किसान नजाकत के घर हुई करीब 19 लाख रुपये की डकैती का मास्टरमाइंड था। इस वारदात के खुलासे में पुलिस पहले ही सात बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि जितेंद्र फरार चल रहा था। 26 मई को हुई एक अन्य मुठभेड़ में पांच बदमाश गिरफ्तार किए गए थे, जिनके कब्जे से लूटे गए जेवर, तमंचे और कारतूस बरामद हुए थे।पुलिस जांच में सामने आया था कि डकैती की पूरी साजिश जितेंद्र ने रची थी। उसके खिलाफ अमरोहा, नोएडा, हापुड़, संभल समेत कई जिलों में डकैती, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के 12 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी पर आईजी बरेली रेंज ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि मुठभेड़ के बाद बदमाश के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और कुछ जेवरात बरामद हुए हैं। बरामद जेवरों की शिनाख्त कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय डकैती गिरोह पर बड़ी चोट पहुंची है।















































































