बरेली। मुहर्रम के अवसर पर अखिल भारतीय अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष शारिक अब्बासी ने जानकारी देते हुए बताया कि फईम मियां चौधरी के नेतृत्व में अब्बासियों वाली ऐतिहासिक सबील आज रात अपने इमामबाड़े से निकाली जाएगी। यह सबील पिछले 142 वर्षों से लगातार उठाई जा रही है और हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे जोश, अकीदत और धूमधाम के साथ निकाली जा रही है।उन्होंने बताया कि 6 मुहर्रम को यह सबील अपने इमामबाड़े से रवाना होकर मदीना शाह, रोहली टोला, जगतपुर रोड और जगतपुर क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद पुनः मदीना शाह पहुंचेगी। वहां से आगे बढ़ते हुए धोबियों वाले क्षेत्र से होकर शाही जुलूस की लाइन में शामिल हो जाएगी।8 मुहर्रम की सुबह यह ऐतिहासिक सबील शाही जुलूस के साथ अपने पारंपरिक स्वरूप में शामिल होगी। विशेष बात यह है कि पुराने शहर के सभी ताज़िये इस सबील के पीछे रहेंगे, जिससे इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सबील पर हिंदू, मुस्लिम सहित सभी धर्मों के लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं तथा सेहरा चढ़ाकर हजरत अब्बास अलमदार की बारगाह में अकीदत पेश करते हैं। मातमी धुनों और अकीदतमंदों की भारी मौजूदगी के बीच निकलने वाली यह सबील बरेली की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल मानी जाती है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक सबील के दीदार और जियारत के लिए पहुंचते हैं। इस अवसर पर इमरान इस्लाम असीम बब्बू इकराम दानिश काशिफ नदीम फैजान मेहताब आदि लोग मौजूद रहे