बदायूँ में मोहर्रम को प्रशासन अलर्ट, ड्रोन से होगी निगरानी,ताजियों के साथ अस्त्र-शस्त्र ले जाने पर रहेगा प्रतिबंध
बदायूं। आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में जिलाधिकारी अवनीश राय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारियों, धर्मगुरुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम की सभी परंपराएं पूर्व निर्धारित एवं पारंपरिक तरीके से संपन्न कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की नई परंपरा को अनुमति न दी जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मोहर्रम के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाए, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।जिलाधिकारी ने बताया कि मोहर्रम का पर्व 17 जून से प्रारंभ होकर 26 जून तक मनाया जाएगा तथा मोहर्रम की 10वीं तारीख (अशूरा) 26 जून 2026 को होगी। इस दौरान जिले में व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है। नगर क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट को जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है, जबकि सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।उन्होंने बताया कि पूरे जनपद को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर प्रशासनिक निगरानी की व्यवस्था की गई है। मोहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए कुल 23 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त 11 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा 12 अतिरिक्त मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं, जो विभिन्न स्थानों पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजियों के साथ किसी भी व्यक्ति द्वारा अस्त्र-शस्त्र नहीं ले जाए जाएंगे। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सभी जुलूस निर्धारित मार्गों से ही गुजरें तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
स्थानीय निकायों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को निर्देशित किया कि सभी नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी पर्याप्त पेयजल व्यवस्था, मुख्य मार्गों पर चूना डलवाने तथा व्यापक साफ-सफाई सुनिश्चित करें। जिन मार्गों से ताजिए गुजरेंगे, उनका पूर्व निरीक्षण कर सड़क पर मौजूद गड्ढों एवं अन्य बाधाओं को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विशेष निर्देश देते हुए एक कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा जिला अस्पताल सहित अन्य चिकित्सालयों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं संचालित रखने के आदेश दिए। उन्होंने शिफ्टवार डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।इसके अलावा विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, अग्निशमन विभाग को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को मुख्य मार्गों से निराश्रित गोवंश हटाने के लिए पर्याप्त कैटल कैचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट स्थित एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित रहेगा, जहां से पूरे जिले की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने के निर्देश दिए।















































































