हनुमान जी और श्रीराम की कथा सुनने मात्र से मिलता है भवसागर से पार होने का मार्ग : कथा व्यास
मोदीनगर। वृद्धाश्रम मोदीनगर में आयोजित हनुमत कथा के दौरान प्रसिद्ध कथा व्यास अरविन्द भाई ओझा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि लंका विजय के उपरांत प्रभु श्रीराम ने हनुमान जी को आशीर्वाद दिया था कि जो व्यक्ति श्रीराम और हनुमान जी की महिमा का गुणगान करेगा, वह बिना विशेष प्रयास के ही भवसागर से पार हो जाएगा। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को श्रीराम और हनुमान जी के जीवन चरित्र का स्मरण एवं कीर्तन अवश्य करना चाहिए।कथा व्यास ने कहा कि सुंदरकांड भगवान की अपने भक्तों पर विशेष कृपा और अनुग्रह की कथा है। भगवान यह संदेश देते हैं कि जो व्यक्ति अपने धर्म, कर्तव्यों और ईश्वर से विमुख हो जाता है, उसे पुनः अपने मार्ग पर लाने के लिए स्वयं प्रयास करते हैं तथा हनुमान जी जैसे आचार्यों को माध्यम बनाकर उसे शरणागति का मार्ग दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन को सुखमय और सार्थक बनाने का सबसे बड़ा साधन भक्ति है, जो भगवान की शरणागति से प्राप्त होती है। केवल ज्ञान व्यक्ति को प्रश्नों में उलझा सकता है, लेकिन जब वही ज्ञान भक्ति की अग्नि में तपता है तो उससे वैराग्य उत्पन्न होता है और वैराग्य प्राप्त भक्त को भगवान निर्भयता का वरदान प्रदान करते हैं।अरविन्द भाई ओझा ने सुंदरकांड के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हनुमान जी ने लंका में माता जानकी की पीड़ादायक स्थिति देखी तो उन्हें अपना शिव स्वरूप स्मरण हो आया और उन्होंने अपने दिव्य कोप से लंका को जला दिया। उन्होंने कहा कि माता सीता का चरित्र यह प्रेरणा देता है कि विपरीत परिस्थितियों और मृत्यु के भय के बीच भी व्यक्ति को अपने धर्म, मर्यादा और सतीत्व की रक्षा करनी चाहिए।कथा के दौरान उन्होंने समाज के दायित्वों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि गृहस्थ समाज का यह कर्तव्य है कि वह गुरुजनों और पुरोहितों के जीवन-यापन की उचित व्यवस्था करे, ताकि वे शास्त्र और राष्ट्र की रक्षा के लिए नई पीढ़ी को संस्कारित कर सकें। गुरु की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हमें भगवान और परमात्मा से जोड़ता है वही सच्चा गुरु है, जबकि जो वेदों और सनातन परंपरा से तोड़कर स्वयं से जोड़ने का प्रयास करे, वह गुरु नहीं हो सकता।
कथा विराम के पश्चात नवीन जायसवाल एवं सचिन बंसल ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में संदीप सिंघल-सारिका, रूपचंद शर्मा-सुनीता एवं डॉ. पवन सिंघल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त नवीन जायसवाल (पूर्व सभासद), दिनेश चौधरी, अशोक चौधरी, संदीप गुप्ता, श्रीपाल गुर्जर, अजय सिंघल, रजनीश सभासद, कौशल वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।















































































