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शैक्षणिक परिषद में वैश्विक रैंकिंग, अधोसंरचना विकास एवं छात्र कल्याण पर हुई चर्चा

June 19, 2026By admin0 comments
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बरेली। आई सी ए आर- भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आई वी आर आई), इज्जतनगर में शैक्षणिक परिषद की 71वीं बैठक में संस्थान की वैश्विक रैंकिंग, शैक्षणिक उत्कृष्टता, अधोसंरचना विकास तथा छात्र कल्याण से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार- विमर्श किया गया।शैक्षणिक परिषद बैठक की अध्यक्षता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई सी ए आर) के उप- महानिदेशक (पशु विज्ञान) एवं आई वी आर आई के निदेशक डॉ. राघवेंद्र भट्टा ने की। बैठक में संस्थान की हाल की उपलब्धियों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भावी विकास योजनाओं से संबंधित कई नीतिगत निर्णय लिए गए।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. राघवेंद्र भट्टा ने संस्थान को नेक द्वारा प्राप्त A++ ग्रेड तथा क्यू एस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में उल्लेखनीय स्थान हासिल करने पर बधाई दी। राघवेंद्र भट्टा ने कहा कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संस्थान में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत छात्र एवं छात्राओं के लिए नए छात्रावासों के साथ-साथ एक अंतरराष्ट्रीय छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक मेगा टीचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी किया जा रहा है।डॉ. भट्टा ने विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में व्याप्त असमानता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समस्या के समाधान हेतु संस्थान कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधियों को आकर्षित करने के प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति तथा छात्रों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए बाह्य वित्तपोषित परियोजनाओं एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे संस्थान में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का विकास संभव हो सके।
संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एस. के. मेंदीरत्ता ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि आई वी आर आई देश का पहला कृषि एवं पशु चिकित्सा संस्थान है जिसने क्यू एस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में विश्व के शीर्ष 100 संस्थानों में स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि संस्थान को नेक द्वारा A++ ग्रेड प्रदान किया गया है तथा एन आई आर एफ रैंकिंग 2024 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की श्रेणी में संस्थान ने अपना 5वां स्थान बरकरार रखा है। आगामी वर्षों में इस रैंकिंग को शीर्ष तीन में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि संस्थान के 11वें दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति रही थी।डॉ. मेंदीरत्ता ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संस्थान में विद्यार्थियों की प्रवेश क्षमता लगभग दोगुनी हो चुकी है तथा वर्तमान में एक हजार से अधिक छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अनुरूप अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट प्रणाली को लागू किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग एवं निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को अकादमिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ कार्यक्रम के दूसरे बैच को स्वीकृति प्रदान किए जाने की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में आई सी ए आर के उप- महानिदेशक (शिक्षा) डॉ. यशपाल मलिक, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. आर. बी. सिंह तथा जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के पूर्व कुलपति डॉ. एम. एस. चौहान ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। वहीं डॉ. अमरीश कुमार, डॉ. पी. के. शुक्ला, डॉ. ओ. पी. ढांडा, डॉ. आर. एन. चटर्जी तथा केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. जयवीर त्यागी सहित अन्य विशेषज्ञों ने भौतिक रूप से बैठक में भाग लिया तथा पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा साइंस आधारित नए पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर बल दिया। साथ ही बाहरी विश्वविद्यालयों से आने वाले विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु सीट उपलब्धता के आधार पर एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित करने का सुझाव दिया गया, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बन सके।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बेंगलुरु, मुक्तेश्वर, कोलकाता एवं भोपाल स्थित क्षेत्रीय परिसरों में अनुसंधान कार्य हेतु भेजे जाने वाले विद्यार्थियों से प्रवेश के समय ही आवश्यक सहमति- पत्र प्राप्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में आवास अथवा अन्य प्रशासनिक समस्याओं से बचा जा सके।
बैठक में संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. एस. के. सिंह, संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रूपसी तिवारी, संयुक्त निदेशक, केडराड डॉ. सोहिनी डे, डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह, डॉ. रजत गर्ग सहित विभिन्न विभागों के वैज्ञानिक एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।इस बैठक में संस्थान के संयुक्त निदेशक शोध डॉ एस के सिंह, संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ रूपसी तिवारी, संयुक्त निदेशक केडराड डॉ सोहिनी डे, डॉ ज्ञानेन्द्र सिंह डॉ रजत गर्ग सहित विभिन्न विभागों के वैज्ञानिक अधिकारी गण मोजूद रहे। निर्भय सक्सेना

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