बरेली। जनपद में गौवंश संरक्षण की बदहाल व्यवस्था और अधिकारियों की कथित लापरवाही से नाराज गौरक्षकों ने गुरुवार को विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। गौरक्षकों का आरोप है कि घायल, बीमार और निराश्रित गौवंशों की सूचना पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिल पाता। कई बार अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचने के बजाय अन्य कर्मचारियों को भेजकर केवल औपचारिकताएं पूरी कर देते हैं, जिससे गौवंशों की जान चली जाती है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर कुछ अधिकारी अभद्र व्यवहार करते हैं और फोन तक नहीं उठाते। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम पंचायत, विकासखंड प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण गौवंश संरक्षण की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। घायल पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचाने और उपचार उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते गौसेवकों को अपने निजी संसाधनों से चारा, पानी, इलाज और परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। गौरक्षकों ने मांग की कि गौवंश संरक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा शिकायत मिलने पर पशु चिकित्सकों के मौके पर पहुंचने की समय सीमा निर्धारित की जाए। साथ ही प्रत्येक विकासखंड स्तर पर रेस्क्यू टीम, 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर गौवंश संरक्षण की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और फरीदपुर समेत संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो गौरक्षक आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान हिमांशु पटेल, सोनू ठाकुर, निर्दोष राठौर ,ऋषि यादव, पंकज राजपूत ,आशीष शर्मा आदि मौजूद रहे