शिखर संस्थान में देशभक्ति के रंग में रंगा स्वतंत्रता दिवस समारोह,सांस्कृतिक कार्यक्रमो ने मन मोहा
बदायूँ। शिखर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड नर्सिंग, शेखूपुर में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। समारोह में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं संस्थान के पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन सुभाष थरेजा, डिप्टी रजिस्ट्रार राजन मेंदिरत्ता एवं प्रेसिडेंट डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया। ध्वजारोहण के बाद सभी ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी तथा देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इसके बाद मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। संस्थान परिवार ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा।समारोह में प्रेसिडेंट डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने भारत के संघर्षपूर्ण इतिहास, अंग्रेजों के छल-कपट और देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए वीर सपूतों द्वारा दिए गए बलिदान को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया और विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझने की प्रेरणा दी।

B.Pharm द्वितीय वर्ष के छात्र अंश शर्मा एवं विष्णु चौहान ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति पर छात्र-छात्राओं एवं संस्थान के सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।इसके बाद विद्यार्थियों ने समूह नृत्य, एकल नृत्य, समूह गीत, गायन, भाषण और कविता सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ANM प्रथम वर्ष, ANM अंतिम वर्ष, B.Pharm प्रथम, द्वितीय एवं चतुर्थ वर्ष तथा D.Pharm द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में देशप्रेम, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता, अखंडता, शांति और प्रगति में अपना योगदान दे तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे।समारोह के अंत में राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं प्रगति में योगदान देने का संकल्प लिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर देशभक्ति के उत्साह से सराबोर रहा।
















































































